सर्द रातों में शहर के फुटपाथों पर बेसहारा ठिठुर रहे हैं और नगर निगम के रैन बसेरे खाली पड़े हैं। गुरुवार की रात को अमर उजाला की टीम ने रैन बसेरों के साथ ही फुटपाथ पर सोने वालों की पड़ताल की। एमजी रोड पर फुटपाथों पर कपड़े में सिमटे लोगों का कहना था कि उन्हें कोई आसरा नहीं मिलता।
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खंदारी चौराहे के पास स्थित नगर निगम का रैन बसेरा
- फोटो : अमर उजाला
खंदारी चौराहा : खाली पड़े हैं बिस्तर
रात 10.15 बजे खंदारी चौराहे के पास स्थित नगर निगम के रैन बसेरे में बिस्तर सजे हुए थे। साफ सुथरे बिस्तरों पर एक भी व्यक्ति नहीं था। इस रैन बसेरे की क्षमता 15 लोगों की है। इसमें तीन महिलाओं और 12 पुरुषों के लिए जगह है मगर एक भी व्यक्ति नहीं मिला। केयर टेकर रामसेवक ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से यहां कोई नहीं है।
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राजा मंडी का रैन बसेरा
- फोटो : अमर उजाला
राजा मंडी स्टेशन रोड : तीन लोग मिले
रात 10.40 बजे राजा मंडी स्टेशन रोड पर स्थित नगर निगम के रैन बसेरे में अंधेरा छाया था। अंदर केयर टेकर ऋतिक ने दरवाजा खोला। रैन बसेरे की क्षमता भी 15 लोगों की है। केयर टेकर ने बताया कि रैन बसेरे में तीन लोग ही थे जोकि दो दिन पहले ही आए हैं। रैन बसेरे में बैठे शंभू ने बताया कि लोग यहां रुकने नहीं देते हैं। काम करवाते हैं।
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फुटपाथ पर सो रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
यूथ हॉस्टल के सामने फुटपाथ
रात 10 बजे फुटपाथ पर पांच लोग सोए हुए थे। एक व्यक्ति को उठाकर पूछा तो उसने कहा कि उसे खुले में सोने की आदत है। यहीं सोएगा। यहां सो रहे वीरभान ने बताया कि दो दिन से यहीं सो रहा है। सर्दी है मगर दुकानों के सामने चौकीदार सोने नहीं देता है।