शरद पूर्णिमा पर शनिवार की रात ताजमहल में नगीने चमकेंगे, लेकिन इस अद्भुत नजारे को सैलानी नहीं देख पाएंगे। 16 साल में पहली बार चांदनी रात में ताजमहल का दीदार नहीं होगा। साल 2004 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू किए गए ताजमहल के रात्रि दर्शन पर इस बार कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है। शरद पूर्णिमा पर चांदनी में नहाए संगमरमर के ताजमहल पर चमकी देखने के लिए सैलानी दूर-दूर से आते थे। शरद पूर्णिमा पर पूरा स्लॉट हाउसफुल रहता था, लेकिन इस बार मोहब्बत का ताज तन्हा रहेगा।