सोशल मीडिया के जरिए श्रीराम चरित मानस के बाल कांड में दोहों के पास एक छोटा बाल रखा मिलने की अफवाह भी उड़ी। कई लोगों ने वीडियो के जरिए इसे शेयर भी किया। लोगों ने मंदिरों और घरों में रखी श्रीराम चरित मानस को देखना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
2 of 5
श्रीराम चरित मानस के बाल कांड
- फोटो : अमर उजाला
कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर भी अपलोड किया। अलबतिया की विमलेश देवी, देहतोरा के नीरज ठाकुर, उखर्रा के मनीष शर्मा ने बताया कि उनके पास भी यह अफवाह पहुंची।
विज्ञापन
3 of 5
घरों के बाहर हल्दी के थापे लगा दिए
- फोटो : अमर उजाला
जनता कर्फ्यू के बाद रविवार को लोग जैसे ही सोने के लिए चले, वैसे ही अफवाह उड़ गई कि सोते हुए लोग पत्थर के बन जाएंगे। एक ने दूसरे से कहा, दूसरे ने तीसरे और फिर थोड़ी ही देर में हजारों लोग घरों के बाहर खड़े हो गए। कस्बा और आसपास के गांवों में यह सिलसिला रात भर चला। सुबह होने पर लोगों ने घरों के बाहर हल्दी के थापे लगा दिए। पुलिस अब अफवाह फैलाने वालों की तलाश कर रही है।
4 of 5
अफवाहों के बाद घरों से निकले लोग, जलाएं दीए और कपूर
- फोटो : अमर उजाला
हकीकत : कोई पत्थर का नहीं हुआ
शहर में भी सुबह यह अफवाह उड़ी कि अलीगढ़ में सात लोग सोते समय पत्थर के हो गए। मेरठ से भी इस तरह के फोन आए थे। इस पर आगरा के लोगों ने इसकी सच्चाई जानने के लिए अपने रिश्तेदारों को फोन किए। तोता का ताल निवासी मोनी पारीक ने बताया कि उन्होंने अलीगढ़ में रिश्तेदारों से मालूम किया तो पता चला कि कहीं कोई पत्थर का नहीं हुआ है। अलीगढ़ में लोग कह रहे थे कि इस तरह की घटना आगरा में हुई है। आवास विकास सेक्टर एक के विजय कुमार ने बताया कि मेरठ में फोन किया तो वहां मुरादाबाद में इस तरह की घटना बताई।
कभी चोटीकटवा, कभी बच्चा चोर
हर साल कोई न कोई अफवाह ऐसी आती है जो लोगों को डरा देती है। दो साल पहले अफवाह थी कि रात में महिलाओं की चोटी कट रही है। इस अफवाह के डौकी में एक महिला की हत्या कर दी गई थी। पिछले साल बच्चा चोरी की अफवाह उड़ी। विदेश के वीडियो को देश का बताकर डाला गया। इसमें पुलिस ने केस भी दर्ज किए थे। सख्ती होते ही अफवाह थम गई।