जाति लिखी गाड़ियों का चालान 12 दिन से नहीं कटा है। यह हाल तब है जबकि इन पर कार्रवाई का अभियान चलाने के निर्देश शासन से आए। आरटीओ की टीम ने एक दिन 12 चालान काटकर रस्म अदायगी तो की लेकिन इसके बाद से चेकिंग तक नहीं की। बस सर्विस तक जाति के नाम से चलाई जा रही हैं। जाति लिखी कार और बाइक दौड़ रही हैं, लेकिन आरटीओ कर्मियों को यह नजर नहीं आ रहीं। आरटीओ के प्रवर्तन दलों ने 28 दिसंबर को चार टीमें लगाकर ऐसी गाड़ियों की धरपकड़ की थी। इसके बाद अभियान ठप हो गया। जाति लिखी गाड़ियां धड़ल्ले से चल रही हैं।
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कार पर लिखा पुलिस और जाति का स्टीकर
- फोटो : अमर उजाला
स्थान सिकंदरा चौराहा, समय दोपहर एक बजे, शीशे से लेकर नंबर प्लेटों तक पर नाम
सिकंदरा चौराहे पर दो गाड़ियां जाति के नाम लिखी हुई दौड़ रही थीं। बोलेरो पर यदुवंशी और एक की नंबर प्लेट पर भारत सरकार भी लिखा हुआ था। लोगों ने नंबर प्लेट पर भी नाम लिखवा रखे हैं।
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कार पर सिंह फैमिली नाम का लगा स्टीकर
- फोटो : अमर उजाला
स्थान कोठी मीना बाजार, समय दोपहर दो बजे, एमजी रोड-2 पर जाति लिखी गाड़ियां
व्यस्ततम एमजी रोड -2 पर भी मिश्रा और पुलिस लिखी कार, सिंह फैमिली जैसी गाड़ियां दौड़ती हुई मिलीं। जीवनी मंडी चौराहे पर भी इसी तरह जाति लिखी कार दौड़ रही थी।
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जाति का स्टीकर लगी कार
- फोटो : अमर उजाला
प्राइवेट बसों पर जाति के नाम
शहर में संचालित ज्यादातर प्राइवेट और ट्रेवल्स की गाड़ियों पर यादव मेल, भदावर मेल, ठाकुर मेल, चाहर बस सर्विस लिखा हुआ है। इन पर भी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि यह गाड़ियां पूरे दिन दौड़ रही हैं।
500 रुपये का है जुर्माना
प्रवर्तन दल के दिनेश कुमार ने बताया कि जाति या गोत्र आदि लिखी गाड़ियों के विरुद्ध धारा 177 के तहत कार्यवाही होती है। 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। तीसरी बार उसी गाड़ी को पकड़े जाने पर जुर्माना राशि एक हजार रुपये तक हो सकती है।
अब रोजाना काटे जाएंगे इन गाड़ियों के चालान
ऐसी गाड़ियों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने को कहा गया है। यह एक दिन का अभियान नहीं था। प्रवर्तन दलों को कहा जाएगा कि वह इस तरह की गाड़ियों के विरुद्ध प्रतिदिन कार्रवाई करें। - अनिल कुमार, आरटीओ (प्रवर्तन)