फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदइंतजामी: रेलवे के 56 लाख खर्च, दो लहर गुजरीं... इस्तेमाल नहीं हो पाए 28 आइसोलेशन कोच, जर्जर हो चुके कई कोच

Thu, 13 Jan 2022 10:28 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
आइसोलेशन कोच - फोटो : अमर उजाला
आगरा रेल मंडल में लगभग 56 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए 28 आइसोलेशन कोच 20 माह बाद भी ताले में बंद हैं। पहली लहर में बनकर तैयार हो चुके इन कोचों का इस्तेमाल दूसरी लहर में ऑक्सीजन के अभाव में हुई मौतों के बाद भी नहीं हो सका। इन्हें एक बार स्टेशन पर लाया गया तो नशेड़ियों ने अड्डा बना लिया। इसके बाद इन्हें वापस यार्ड में भेज दिया गया। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि अब इन्हें स्टेशन के यार्ड से दूर झांसी एंड खड़ा कर दिया गया। 20 साल से ज्यादा पुराने आठ कोच जर्जर हो चुके हैं। खिड़कियों के टेप उधड़ चुके हैं। धूल की मोटी परतें जमा हो चुकी हैं। बरसात का पानी भी टपक रहा है।
सी एंड डब्ल्यू ने किए थे तैयार
रेलवे के कैरेज एंड वैगन विभाग के कार्मिकों ने मंडल में कोरोना संक्रमण की पहली लहर में मार्च 2020 के बाद आपात स्थितियों के लिए पुरानी ट्रेनों के 28 कोचों को आइसोलेशन कोचों में बदला था। इनमें ऑक्सीजन सिलिंडर, ड्रिप सेट, जरूरी मेडिकल उपकरणों के साथ डस्टबिन भी रखे गए थे। एक कोच में आठ बेड तैयार किए गए थे। नर्सिंग कक्ष भी बनाया गया था।
विज्ञापन

2 of 5
रेलवे के आइसोलेशन कोच - फोटो : अमर उजाला
दूसरे राज्यों में हुआ था इस्तेमाल
अप्रैल 2021 में आई दूसरी लहर में संक्रमण में मृत्यु दर बढ़ने के बाद रेलवे ने पूर्वोत्तर और गुजरात के कुछ राज्यों में वहां के जिला प्रशासन की डिमांड पर आइसोलेशन के लिए भेजा। इसके लिए रेलवे के चिकित्सकीय स्टाफ की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
विज्ञापन

3 of 5
ट्रेन की बोगी को बनाया गया आइसोलेशन कोच - फोटो : अमर उजाला
धन की बर्बादी की गई
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा का मानना है कि दूसरी लहर में आगरा में बुरे हालात थे। ऐसे में इन कोचों का इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन लाखों खर्च करके धन की बर्बादी ही की गई।

4 of 5
आइसोलेश कोच की मच्छर दानी उखड़ी - फोटो : अमर उजाला
गरीबों का कराते इनमें इलाज
लोकल टूरिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि इन कोचों को कुली, वेंडर्स और ऑटो-टैक्सी चालकों जैसे कमजोर तबके लोगों के इलाज को मुहैया कराए जा सकते थे। यह लोग रेलवे के मददगार भी हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आगरा: आइसोलेशन कोच में जम गई धूल - फोटो : अमर उजाला
कहीं तो इस्तेमाल करते
रेलवे ने इन कोचों को कोरोना संक्रमण के मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया था तो इनका इस्तेमाल रेलवे कॉलोनियों के लोगों और आसपास के लोगों के लिए किया जा सकता था। -संजय वर्मा, अध्यक्ष दैनिक यात्री संघ

जैसे निर्देश आएंगे, वैसा इस्तेमाल होगा
आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमण के बढ़ने से एक बार फिर से इन कोचों की ओर ध्यान गया है। इनकी साफ सफाई करवाकर तैयार रखा जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार ही इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें