ताजनगरी में आठ साल के अरसलान के लिए आरपीएफ बजरंगी भाईजान बन गई। फिरोजाबाद के अरसलान के बोलने में अक्षम होने के कारण सोशल मीडिया और फोटोग्राफ दिखाकर आरपीएफ घर तक पहुंची। अरसलान को 20 घंटे बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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आगरा फोर्ट स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
मामला यूं है कि फिरोजाबाद के हबीबगंज, रामगढ़ का रहने वाला आठ साल का अरसलान अपनी मां के साथ मंगलवार को ट्रेन से आगरा आ रहा था, लेकिन यमुना ब्रिज स्टेशन पर टॉयलेट के लिए वो उतर गया, इस बीच ट्रेन चल दी और वो यहीं रह गया।
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आरपीएफ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन पर आरपीएफ को अरसलान मिल गया। उससे जब पूछताछ की गई, लेकिन वो बोलने में अक्षम निकला। बच्चे से कोई जानकारी न मिलने पर आरपीएफ ने सोशल मीडिया और फेसबुक के जरिए परिवार की तलाश की।
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अरसलान
- फोटो : अमर उजाला
फेसबुक पेज के जरिए अरसलान को आगरा, टूंडला, फिरोजाबाद के मदरसों के फोटो दिखाए गए, जिनमें रहमानिया हाईस्कूल, हबीबगंज, रामगढ़, फिरोजाबाद की अरसलान ने पहचान कर ली। इस स्कूल में अरसलान की बहन शमरीन पढ़ती है।
स्कूल प्रबंधक से बातचीत के बाद उसके पिता शाहिद और मां सादमा को संपर्क किया गया, जिसके बाद बुधवार दोपहर तीन बजे उसे अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। अरसलान के पिता शाहिद ने आरपीएफ इंस्पेक्टर और जवानों का शुक्रिया अदा किया। वो मंगलवार से ही बदहवास से उसे तलाश कर रहे थे।