Yamuna Expressway Accident Today: मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात गांव सराय सलवाहन के पास ईको कार चालक को झपकी आने से हुए हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिता और दो पुत्रों के साथ ही परिवार के मुखिया के दो भांजे भी शामिल हैं। वहीं, पत्नी और बेटी की हालत गंभीर है।
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई।
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हादसे में क्षतिग्रस्त गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।
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हादसे में क्षतिग्रस्त गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था।
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मृतकों का अंतिम संस्कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत
धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई।
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गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता
दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।
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अस्पताल में भर्ती घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी विवाह में हलवाई का कार्य करते थे धर्मवीर
दुर्घटना में मृतक धर्मवीर दिल्ली में हलवाई का कार्य करते थे। दिल्ली के समयपुर बादली में मां भगवती स्वीट सेंटर एवं कैटर्स के नाम से दुकान है। दुकान को रोहित संभालता था, जबकि धर्मवीर, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर सभी हलवाई के कार्य में उनकी मदद करते थे।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी विवाह में खाना बनाने का पूरा ठेका लेते थे। पिछले 15 साल से दिल्ली में रहकर मुश्किल से धंधा जमाया था। धर्मवीर के दो पुत्र थे और दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई। परिवार में मात्र पत्नी सोनी और बेटी पायल ही बचे हैं। वह भी आगरा के कृष्णा हॉस्पिटल में गंभीर रूप से घायल हैं।
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रोहित की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोहित की 30 नवंबर को थी शादी
धर्मवीर के बेटे रोहित की 30 नवंबर को शादी थी। भांजे अनुराग ने बताया कि पिनाहट स्थित एक गांव से रोहित की शादी तय हो गई थी। कुछ माह पूर्व ही दोनों की सगाई हुई थी। तीन माह बाद ही परिवार में शादी थी।
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धर्मवीर की फाइल फोटो
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नई बहू के आगमन के लिए परिजन तैयारी कर रहे थे। गहने आदि बनाने के लिए सुनार को आर्डर दे दिया था। रोहित की मौत की सूचना जब उसकी होने वाली ससुराल में पहुंची तो वहां भी शोक व्याप्त हो गया।
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पार्थ की फाइल फोटो
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होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर चुका था रोहित
धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि उनके भतीजे रोहित ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद वह नौकरी करना चाहता था, लेकिन पिता के कहने पर दुकान खोली और हलवाई के कार्य में जुट गया। वहीं, बेटी पायल ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है।
एक्सप्रेस-वे पर हादसा, पिता व दो बेटों समेत 6 की मौत
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात गांव सराय सलवाहन के पास ईको कार चालक को झपकी आने से हुए हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिता और दो पुत्रों के साथ ही परिवार के मुखिया के दो भांजे भी शामिल हैं। वहीं, पत्नी और बेटी की हालत गंभीर है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आगरा के थाना बाह के गांव हरलालपुर निवासी धर्मवीर सिंह करीब डेढ़ दशक से परिवार के साथ दिल्ली के समयपुर बादली में रहते थे। वह अपने दो बेटों के साथ मिठाई की दुकान और कैटरिंग का काम करते थे।
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आर्यन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मवीर ने मुरैना से अपने दो भांजों को भी दिल्ली बुला लिया था। शुक्रवार की रात धर्मवीर अपनी पत्नी सोनी, बेटे आर्यन, रोहित, बेटी पायल और दो भांजे पारस उर्फ पार्थ व दलवीर और उसके दोस्त अमेठी के थाना मोहनगंज स्थित पुरेजबर बेस निवासी दुष्यंत के साथ दिल्ली से बटेश्वर के लिए निकले थे। रविवार से उन्हें अखंड रामायण करने के साथ ही सोमवार को भंडारे का आयोजन करना था। ईको कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव थाना क्षेत्र के गांव सराय सलवाहन (माइल स्टोन 140) के पास पहुंची थी, तभी चालक रोहित को झपकी आ गई और कार किसी वाहन में जा घुसी। दुर्घटना में धर्मवीर (55), रोहित (20), आर्यन (16), पारस उर्फ पार्थ (22), दलवीर (26) और दुष्यंत (22) की मौके पर ही मौत हो गई।
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दुष्यंत की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, सोनी और पायल गंभीर रूप से घायल हो गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी कार में फंसे गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे लोगों को गैस कटर से क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर बाहर निकाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी पर डीएम चंद्रप्रकाश सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन को घायलों को उपचार दिलाने के निर्देश दिए हैं।
भंडारा कराने जा रहा था परिवार
यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए।