फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इटावा सड़क हादसा: एक साथ उठीं 11 अर्थियां, बिलख उठे लोग, शवों की पहचान के लिए लिखने पडे़ नाम

Mon, 12 Apr 2021 12:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सूना पड़ा रहा छोटी देवी का मंदिर 
  • पिंडदान के लिए रोकनी पड़ी शव यात्रा
विज्ञापन
1 of 7
इटावा सड़क हादसा: शव पर नाम लिखता युवक और दूसरे चित्र में श्मशान जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
लखना (इटावा ) के कालका मंदिर जाते समय हुए सड़क हादसे में गढ़ा पचौरी बाह के सात और पिनाहट के चार लोगों की मौत हो गई थी। रविवार की सुबह गढ़ा पचौरी से एक साथ सात और पिनाहट से चार अर्थियां उठीं, तो लोग बिलख पड़े। शवों को कंधा देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बटेश्वर के मोक्षधाम में फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, बाह की विधायक पक्षालिका सिंह, फतेहाबाद के विधायक जितेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह आदि ने मृतकों को अंतिम विदाई दी। 
विज्ञापन

2 of 7
इटावा सड़क हादसे में मारे गए लोगों के परिजन विलाप करते हुए - फोटो : अमर उजाला
पिनाहट के वीरेंद्र बघेल के बेटे के मुंडन संस्कार और नेजा चढ़ाने में शामिल होने के लिए पिनाहट और बाह के करीब 70 लोग डीसीएम में सवार होकर लखना (इटावा) के कालिका मंदिर के लिए निकले थे। बड़पुरा क्षेत्र में डीसीएम खाईं में पलट गई। हादसे में बाह के गढ़ा पचौरी के राम किशन (80), रामदास (70), हाकिम सिंह (65), जनवेद (40), लालू (35), मनोज कुशवाह (35), ओमवती(61) और पिनाहट के राजेश (35), बनवारी (60), राजेंद्र (42), गुलाब सिंह (45) की मौत हो गई थी। रविवार की सुबह गढ़ा पचौरी (बाह) में पोस्टमार्टम के बाद एक साथ 7 शव पहुंचे तो लोग बिलख पड़े। एक कतार में रखे शव अंतिम यात्रा के लिए एक साथ उठे तो कांधा देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। बटेश्वर के मोक्षधाम में आम का पुरा के महेश समेत आठ मृतकों की एक साथ चिताएं सजाई गईं तो लोगों की आंखों में आंसू रोके नहीं रुके। रविवार को शोक में बाह और पिनाहट के बाजार बंद रहे। गम का आलम ये था कि घरों में चूल्हे तक नहीं जले।   
विज्ञापन

3 of 7
सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के घरों पर उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
पिंडदान के लिए रोकनी पड़ी शव यात्रा
मुंडन संस्कार में गढ़ा पचौरी के रहने वाले हाकिम सिंह, उनकी पत्नी छोटी बिट्टी,  बेटा नीरज धनगर, पुत्रवधू रजनी, नाती प्रतीक, शिवा, नातिन आर्या भी गए थे। हादसे में हाकिम सिंह और उनके चचेरे साले बनवारी लाल की मौत हो गई। अन्य परिजन घायल हैं। हाकिम सिंह के पिंडदान के लिए दूसरे बेटे मुकेश के इंतजार में शव यात्रा रोकनी पड़ी। उदयपुर से बेटे के पहुंचने पर पिंडदान और अंतिम संस्कार हो सका।     

4 of 7
भाजपा विधायक और अन्य लोगों ने दी परिजनों को सांत्वना - फोटो : अमर उजाला
विधायक पक्षालिका सिंह ने दो-दो लाख रुपये के चेक दिए
इटावा हादसे में जान गंवाने वाले 12 लोगों के आश्रितों को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने दो-दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को इस धनराशि की घोषणा की थी। विधायक ने बताया कि घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी। इस दौरान बाह के चेयरमैन सुनील बाबू, एसडीएम अब्दुल बासित आदि रहे। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आदि ने ट्वीट कर दुख जताया था। 
विज्ञापन

5 of 7
सैफई पीजीआई में पहुंचे सांसद ने जाना घायलों का हाल - फोटो : अमर उजाला
परिजनों को ढांढस बंधाया, घायलों का हाल जाना 
सांसद राजकुमार चाहर, बाह की विधायक पक्षालिका सिंह, फतेहाबाद के विधायक जितेंद्र वर्मा आदि ने सैफई पीजीआई पहुंचकर घायलों का हाल जाना। अस्पताल प्रबंधन को इलाज में कोई कोताही न बतरने की हिदायत दी। इन जनप्रतिनिधियों के अलावा पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह, बाह के चेयरमैन सुनील बाबू, पूर्व चेयरमैन दिवाकर सिंह गुर्जर, दयाशंकर बोहरे, माधो सिंह बघेल, रविकांत मिश्रा आदि ने भी मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।    
विज्ञापन

6 of 7
भाजपा विधायक ने पीड़ितों को दिया दो लाख रुपये का चेक - फोटो : अमर उजाला
शवों की पहचान के लिए लिखने पडे़ नाम 
बाह। हादसे में मृतकों के शव पूरी तरह से खराब हो चुके थे। ऐसे में शवों की पहचान के लिए उनके नाम लिखने पडे़ थे, जिससे अंतिम संस्कार में दिक्कत न हो। इटावा हादसे में मरने वाले 12 लोगों में गढ़ा पचौरी के जीजा रामदास, साले राम किशन भी शामिल हैं। रामकिशन की मौत पर बेहाल हुई बेटियों रेखा और गुड्डी ने बताया कि पापा की मौत के बाद उनको हिम्मत कौन बंधाएगा। जबकि रामदास की मौत के बाद पत्नी शगुना को नहीं सूझ रहा कि 3 बच्चों को किसके भरोसे पालेगी।   
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सूना पड़ा रहा छोटी देवी का मंदिर - फोटो : अमर उजाला
सूना पड़ा रहा छोटी देवी का मंदिर 
लखना के कालका मंदिर में नेजा चढ़ाने के बाद गढ़ा पचौरी के छोटी देवी मंदिर में माता का पूजन होना था। सभी परिवार माता के पूजन की तैयारी में जुटे थे। डीसीएम हादसे की सूचना से गढ़ा पचौरी में रविवार को मातम पसरा रहा। छोटी देवी का मंदिर सूना पड़ा रहा। मंदिर पर लटका ताला तक नहीं खुला।                             
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें