हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के बाद बड़ी चिंता के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि हमारी पुलिस महिलाओं को सुरक्षित माहौल क्यों नहीं दे पा रही है? अगर रात में किसी महिला को घर से बाहर जाना पड़े तो क्या उसकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं? इसी का जायजा लेने के लिए अमर उजाला टीम ने रविवार रात को नौ से बारह बजे तक सिकंदरा से रिंग रोड तक नौ किलोमीटर की दूरी में पुलिस गश्त का जायजा मिला। मुस्तैदी की तो बात ही छोड़िए, पुलिसकर्मी गश्त पर ही नहीं थे। बैरियर सूने मिले, चौकियों पर ताले लटके थे। और क्या कहें, यूपी-100 की गाड़ी तक में स्टाफ नहीं था। चीता मोबाइल भी नदारद थी। इतना ही नहीं। कोई अफसर भी गश्त की चेकिंग के लिए नहीं आया। पेश है रिपोर्ट...
विज्ञापन
2 of 5
पुलिस चौकी पर लटका ताला
- फोटो : अमर उजाला
भावना एस्टेट चौकी पर ताला: सिकंदरा के इस क्षेत्र में 20 अपार्टमेंट हैं। पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी खोली गई। इस पर ताला लटका था। हाईवे तक एक भी सिपाही गश्त पर पर नहीं था।
विज्ञापन
3 of 5
खाली पड़ी पुलिस चौकी
- फोटो : अमर उजाला
टीपी नगर में यूपी-100 का स्टाफ ‘लापता’: टीपी नगर में पिछले साल इन दिनों में ही कारोबारी को गोली मारी गई। दो महीने पहले दो लूट हुई। इसकेबावजूद यहां तैनात पुुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल में स्टाफ नहीं था। अब कहीं कोई वारदात हो जाए तो यूपी-100 की इस गाड़ी के स्टाफ को तो जानकारी ही नहीं मिलेगी।
4 of 5
खंदारी पुलिस चौकी
- फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी के बैरियर पर कोई नहीं: आईएसबीटी पर पुलिस का बैरियर है। हाईवे की पुलिसिंग के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन सूना पड़ा था। पुलिसकर्मी आसपास भी नहीं थे। खंदारी पुलिस चौकी पर पुलिसकर्मी नदारद थे। जबकि ये सबसे संवेदनशील चौकी मानी जाती है।
रिंग रोड चौकी में लाइटें जली हुईं, स्टाफ का पता नहीं: रिंग रोड क्षेत्र में सराफा कारोबारियों के साथ लूट हो चुकी हैं। इसके बावजूद चौकी में स्टाफ नहीं था। लाइटें जलीं थीं। एक कुर्सी खाली पड़ी थी। आस पास भी गश्ती दल नहीं था।