फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या फैसला: ताजनगरी में नहीं निकलेंगे जुलूस व रैली, शांति व्यवस्था की बनाई 'रूपरेखा'

Fri, 08 Nov 2019 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
पुलिस महानिरीक्षक ए. सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या मामले पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। गुरुवार को मंडलायुक्त अनिल कुमार और पुलिस महानिरीक्षक ए. सतीश गणेश ने जिलेभर के उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों के साथ बैठक कर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए खाका खींचा। जुलूस और रैलियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

2 of 5
बैठक के दौरान जिलाधिकारी एनजी रविकुमार व अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कमिश्नरी सभागार में बैठक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में संयुक्त रूप से भ्रमण करने को कहा गया। आईजी ने कहा कि लोगों को जागरूक करें कि वह अति उत्साह में शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास न करें। विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आम लोगों से संवाद बनाए रखने की नसीहत दी। 
विज्ञापन

3 of 5
स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक के दौरान अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस महानिरीक्षक ए. सतीश गणेश ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों से एक-दूसरे के मोबाइल फोन नंबर रखने के लिए कहा गया। ताकि जरूरत के समय संपर्क स्थापित किया जा सके। सभी चौकी प्रभारियों से शांति भंग की आशंका होने पर इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को देने के लिए निर्देशित किया। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में धार्मिक स्थल चिह्नित कर उन पर लगातार नजर रखें। 

4 of 5
बैठक के दौरान निर्देश देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सतर्कता बनाए रखें। बैठक में जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार, अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिहं, अपर जिलाधिकारी प्रशासन निधि श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रमेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी नगर प्रभाकांत अवस्थी आदि मौजूद थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बैठक के दौरान लोग - फोटो : अमर उजाला
ये भी दिए निर्देश: शांति कमेटियों की बैठकें की जाएं, क्षेत्र के सम्मानित लोगों के मोबाइल फोन नंबरों की सूची तैयार हो, कानून व्यवस्था प्रभावित करने
वाले पाबंद किए जाएं, लोगों को जागरूक किया जाए, विभिन्न समुदाय के संगठनों के नामित सदस्यों से संपर्क किया जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त हो, आवश्यकता के अनुसार बैरियर लगाए जाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें