रक्षाबंधन पर आगरा में रेलवे और रोडवेज की व्यवस्थाएं यात्रियों की भारी भीड़ के आगे चरमरा गईं। ट्रेनों और बसों में सीट के लिए धक्का-मुक्की हुई और यात्रियों को गेट पर लटककर सफर करना पड़ा। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई, जबकि बसों की कमी के कारण बहनों को घंटों इंतजार और बस में चढ़ने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ी।
विज्ञापन
1 of 5
रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्थाएं ध्वस्त
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रक्षाबंधन पर भाई-बहनों को गंतव्य तक पहुंचाने के रेलवे और परिवहन निगम के दावे यात्रियों की तरह ही लटके नजर आए। सुपरफास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनों में छोड़िए, पैसेंजर, ईएमयू और मेमू ट्रेनों में भी सफर आसान नहीं रहा। यात्रियों ने ट्रेन व बसों के गेटों पर लटक कर सफर किया। महिलाओं को सीटें नहीं मिलीं। बहनों को बसों की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी सीट मिलना तो दूर सवार होने तक के लिए जंग लड़नी पड़ी। धक्का-मुक्की के बीच बच्चों का बुरा हाल हो गया।
विज्ञापन
2 of 5
आगरा कैंट
- फोटो : अमर उजाला
स्थान: आगरा कैंट
समय: सुबह 11 बजे
आगरा कैंट स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर यात्रियों की भीड़ जमा है। दूसरी श्रेणी के वेटिंग रूम में पैर रखने की जगह नहीं है। ज्यादातर के पास कन्फर्म टिकट नहीं है। साधारण कोच में सफर करने की मजबूरी है। इसी बीच एक पैसेंजर ट्रेन आकर रुकती है। यात्री दौड़ पड़ते हैं। गेट पर धक्का-मुक्की होती है। महिला चिल्लाती है कि धक्का मत दो। इसी बीच सीटी बजती है और ट्रेन रेंगने लगती है। तमाम यात्री मायूस होकर प्लेटफॉर्म पर ही खड़े रह जाते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
आगरा कैंट
- फोटो : अमर उजाला
स्थान: आगरा कैंट
समय: दोपहर 2:45 बजे
सचखंड एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफाॅर्म नंबर एक रुकी तो यात्री सीट पाने के लिए दौड़ पड़े। गेट पर फिर वही जद्दोजहद। यात्री चिल्ला रहे हैं कि हमें उतरने तो दो मगर कोच में चढ़ने वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। गेट पर धक्कामुक्की होने लगी। देखते- ही देखते बात हाथापाई तक आ गई। कुछ यात्रियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। जगह नहीं मिलने यात्री जान जोखिम में डालकर दरवाजे से लटके हुए नजर आए। इतने में ट्रेन चल दी।
4 of 5
यात्रियों की भीड़।संवाद
यात्री बोले-गाड़ियां लेट चल रही हैं, क्या करें
मुरैना जा रहे दीपक ने बताया कि मेमू ट्रेन पहले यहीं से चलती थी। अब मथुरा से चलने लगी है। 40 मिनट लेट चल रही है। एक बार टिकट ले लिया था। अब दूसरा टिकट लिया है फिर भी इंतजार करना पड़ेगा। ग्वालियर जा रहे मुकेश का कहना था कि अभी ट्रेन नहीं आई है। हमें तो ग्वालियर तक जाना है। जहां भी जगह मिलेगी वहीं बैठ जाएंगे।
स्थान: ईदगाह बस स्टैंड
समय: दोपहर 12 बजे
रोडवेज बसों के लिए आईएसबीटी, ईदगाह, बिजलीघर बस स्टैंडों के अलावा वाटर वर्क्स चौराहा, भगवान टॉकीज चौराहे पर बहनें बसों का इंतजार करते नजर आए। ईदगाह बस स्टैंड पर ग्वालियर, मुरैना के लिए बसें नहीं हैं, यात्री इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच भरतपुर जाने वाली बस पहुंचती है। यात्री बुरी तरह टूट पड़ते हैं। बच्चों को खिड़कियों से अंदर घुसाया जा रहा था। धक्का-मुक्की के बीच चंद मिनट में ही बस फुल हो जाती है।