आपकी ट्रेन अगर तीन घंटे से ज्यादा देरी से चल है या निरस्त कर दी गई है तो काउंटर टिकट के साथ ही आप ई-टिकट में भी पूरा किराया वापस पा सकते हैं। यही नहीं, आपको बर्थ बदलने और बोर्डिंग बदलवाने की भी सुविधा मिलती है। ऐसे कई नियम हैं, जिनकी जानकारी न होने से आपको नुकसान उठाना पड़ता है। हम आपको बता रहे कुछ ऐसे नियम जो आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।
विज्ञापन
2 of 5
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
क्या आप जानते हैं कि कन्फर्म टिकट पर बर्थ ट्रांसफर कर सकते हैं। परिवार के सदस्य हों (पिता, माता, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन, पति व पत्नी, एक सरकारी कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी, एक ही संस्था के छात्र होने पर, एनसीसी के कैडेट्स एक-दूसरे की जगह, वैवाहिक समारोह में ग्रुप यात्रा पर बर्थ ट्रांसफर का नियम लागू रहता है।
विज्ञापन
3 of 5
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
बस ये सुविधा पाने के लिए ट्रेन छूटने के 24 घंटे पहले आईडी के साथ मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक को लिखित आवेदन करना होगा। वहीं अगर ट्रेन प्रारंभिक से लेकर अंतिम यात्रा तक रद्द कर दी जाती है तो ई-टिकट कैंसल कराने की जरूरत नहीं है। आपका किराया स्वत: रिफंड हो जाएगा, लेकिन अगर ट्रेन बीच रास्ते में कैंसल होती है तो रिफंड के लिए ऑनलाइन क्लेम करना पड़ेगा।
4 of 5
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बने ई-टिकट में भी यात्री बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। जिस आईडी से टिकट बुक होगा, उसी से ही बोर्डिंग बदला जाएगा। ट्रेन छूटने के 24 घंटे पहले सिर्फ एक बार बोर्डिंग बदला जा सकता है। काउंटर टिकट में बोर्डिंग बदलने के लिए 24 घंटे पहले स्टेशन प्रबंधक या स्टेशन मास्टर से अग्रसारित कराके बुकिंग काउंटर से दूसरा टिकट बनवाने की नियम है।
आपको ये भी बता दें कि अगर ट्रेन तीन घंटे से ज्यादा लेट हो तो क्लेम करने पर पूरा किराया और तत्काल शुल्क वापस होने का नियम है। ट्रेन का रूट बदलने पर अगर यात्री सफर करने में अक्षम हो तो भी उसे यह सुविधा मिलेगी।