आगरा में थाना सदर के राजपुर चुंगी में हुए दस्तावेज लेखक और प्रॉपर्टी डीलर हरेश पचौरी हत्याकांड में चार दिन में 40 लोगों से पूछताछ के बाद भी नतीजा सिफर है। पुलिस का ध्यान बस जमीन विवादों पर ही है। चार विवाद सामने आने के बाद भी पुलिस आरोपियों को चिह्नित कर नहीं पकड़ सकी है। इससे परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने एसएसपी से भी मुलाकात करके नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा है।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
राजेश्वर मंदिर के बराबर के रहने वाले हरेश पचौरी शनिवार दोपहर को बेटे के साथ मथुरा जा रहे थे। रास्ते में परिचित का फोन आने पर कार से उतर गए थे। बेटे को रास्ते में मिलने की कहकर भेज दिया था। वह राजपुर चुंगी पर परिचित का इंतजार कर रहे थे। तभी बाइक सवार शूटरों ने उनकी हत्या कर दी। हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था।
इस मामले में विष्णु रावत और बीपी मुद्गल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। मगर, हत्याकांड में उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि अभी तक आरोपियों को क्लीन चिट नहीं दी गई है। पुलिस को चार और जमीन के विवाद की जानकारी मिली थी। मगर, किसी नतीजे पर पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। जमीनों के कई विवाद सामने आए हैं। यह पता किया जा रहा है कि किन लोगों से विवाद था? कौन सी जमीन का विवाद था? कई टीमों को लगाया गया है। उधर, परिजनों ने एसएसपी से मुलाकात कर घटना के खुुलासे की मांग की।
जेल में बंद बॉक्सर गैंग व लाखन गैंग को दिखाए फुटेज
पुलिस ने घटना में शामिल शूटरों की पहचान के लिए वारदात के दौरान के फुटेज से फोटो तैयार कर जेल में बंद अपराधियों को दिखाए हैं। जिला जेल में बॉक्सर गैंग, लाखन गैंग के शूटरों को भी पुलिस ने फोटो दिखाए। पर, अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। पुलिस ने फुटेज फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, भरतपुर और धौलपुर की पुलिस के पास भी भेजे हैं।