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अस्पताल में प्रसूता की मौत, हंगामे के बाद तोड़फोड़, इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

Tue, 04 Jun 2019 10:05 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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राधा देवी (फाइल तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
प्रसूता की मौत के बाद भड़के परिजनों ने बोदला-सिकंदरा रोड स्थित श्री बांकेबिहारी अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। जाम लगाकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मुआवजा और आरोपी के खिलाफ मुकदमा की मांग को लेकर साढ़े तीन घंटे तक धरना दिया। पुलिस के आलाधिकारियों ने प्रशासन तक मांग पहुंचाने का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। 
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राधा देवी की मौत के बाद पति हुआ बेसुध - फोटो : अमर उजाला
प्रदीप विहार सिकंदरा निवासी अरुण कुमार की पत्नी राधा देवी (25) का जयपुर में इलाज के दौरान सोमवार की देर रात मौत हो गई। अरुण का आरोप है कि 29 मई को श्री बांकेबिहारी अस्पताल में उसका झोलाछाप ने आपरेशन कर प्रसव कराया था। हालत बिगड़ी तो खंदारी स्थित स्पर्श मल्होत्रा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।
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श्री बांकेबिहारी अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
स्पर्श मल्होत्रा हॉस्पिटल में पांचवें दिन प्रसूता को कोमा में बताकर जयपुर ले जाने को कहा। प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर सुबह करीब नौ बजे श्री बांकेबिहारी अस्पताल पर पहुंच गए। तोड़फोड़ करते हुए खिड़कियों का कांच चकनाचूर कर दिया और जाम भी लगा दिया। मुआवजा और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर परिजन शव को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उनकी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा देकर करीब साढ़े ग्यारह बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
 

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प्रसूता की मौत के बाद पुलिस से बात करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
राधा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसमें पेट और बच्चेदानी में संक्रमण फैलने से राधा की मौत की वजह बताई गई है। आशंका जताई जा रही है कि आपरेशन में संक्रमित उपकरणों के उपयोग से पेट में संक्रमण फैल गया है। श्री बांकेबिहारी अस्पताल में भर्ती के बावजूद मरीजों का इलाज किया जा रहा था। यहां स्वास्थ्य विभाग के दो बार छापे में डाक्टर-पेरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। पहले जनवरी में और दूसरी बार 16 मई को कार्रवाई की थी।
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प्रसूता की मौत के बाद हॉस्पिटल के बाहर परिजन - फोटो : अमर उजाला
डॉ. अजय कपूर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) का कहना है कि प्रसूता की मौत की जांच की जा रही है। पीड़ितों के
बयान दर्ज किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। इसके लाइसेंस की निरस्तीकरण
की कार्रवाई चल रही है।
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