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अमर उजाला पड़ताल: आगरा में शहर से लेकर देहात तक की सड़कों में कमर तोड़ गड्ढे, तस्वीरों में देखें हाल

Sun, 30 Oct 2022 01:47 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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बोदला-अछनेरा मार्ग पर बिचपुरी में दो साल से टूटी पड़ी - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले में गांव से लेकर शहर तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़कों में कमर तोड़ गड्ढे हैं। फिर भी सर्वे से लेकर गड्ढे भरने तक में लापरवाही हो रही है। जिले में 4225 किमी सड़कें हैं, जिनमें महज 20 प्रतिशत यानी 845 किमी जर्जर दिखाईं हैं। इनमें भी 60 फीसदी करीब 500 किमी सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए।

सड़कों को गड्डा मुक्त करने में आगरा प्रदेश में फिसड्डी है। पीडब्ल्यूडी मंत्री व प्रमुख सचिव ने इसके लिए अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी जारी करते हुए 15 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्डामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को अमर उजाला ने सड़कों की पड़ताल कराई, तो हैरान करने वाली हकीकत सामने आई। जिले में कुल सड़कों में सिर्फ 20 फीसदी में ही पीडब्ल्यूडी ने गड्ढे दर्शाए हैं। इनमें भी 40 फीसदी में पैचवर्क का दावा किया जा रहा है। 60 फीसदी सड़कें गड्डा मुक्त नहीं हो सकीं हैं। 
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सदर मार्ग पर भी कई जगह है खराब - फोटो : अमर उजाला
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एसके अग्रवाल का कहना है कि 845 किमी में 670 किमी में गड्ढों की मरम्मत होगी जबकि 175 किमी सड़क का नवीनीकरण होगा। 15 नवंबर तक सभी सड़कों की मरम्मत हो जाएगी। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए पीडब्ल्यूडी को करीब 3.50 करोड़ रुपये मिले हैं।
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पिनाहट मार्ग पर भी गड्ढे - फोटो : अमर उजाला
आगरा-इटावा राज्य मार्ग से लिंक जरार-बिजौली मार्ग बीते छह साल से खस्ताहाल है। सड़क की जगह से गिट्टियों का नामोनिशान नहीं बचा है। बाकी सड़क गड्ढों में तब्दील है। तमाम शिकायतों के बाद भी मरम्मत नहीं होने से रोज सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दूसरी ओर बरौली अहीर में शमसाबाद-आगरा मार्ग स्थित दिगनेर पुलिया से रोहता नहर तक 10 किमी सड़क टूटी है। देवरी चौराहे पर गहरे गड्ढे हैं। ट्रकों की आवाजाही से गड्ढे जानलेवा हो गए हैं। दिन भर जाम लगा रहता है।

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रूपवास मार्ग का हाल - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी को राजस्थान से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर गहरे गड्ढे सड़क हादसों की वजह बन रहे हैं। सीकरी से रूपवास मार्ग पर खेड़ा जाट, मंडी मिर्जा खां, भोपुर, तेहरा दरवाजा के निकट सड़क जर्जर है। रास्तों में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। जिनमें वाहन पलट जाते हैं। 
 
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न्यू दक्षिणी बाईपास के किनारे झाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
मलपुरा में 32 किमी लंबे न्यू दक्षिणी बाईपास के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। प्रकाश व्यवस्था नहीं है। किनारों पर पेड़ खड़े हैं। जिनसे दोपिहया व चार पहिया वाहन टकरा जाते हैं। एडीए की लापरवाही से बाईपास क्षतिग्रस्त पड़ा है। मरम्मत तो दूर यहां साफ-सफाई तक नहीं होती।
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फतेहाबाद कस्बा से बाह रोड पर गड्ढे - फोटो : अमर उजाला

ये सड़कें भी बदहाल

  • बोदला-अछनेरा रोड पर सुनारी मोड़ तक।
  • इरादत नगर-शमसाबाद तक 9 किमी सड़क।
  • शमसाबाद नया बास से महुआ तक 5 किमी सड़क।
  • पिनाहट में मुख्य बाजार से कस्बा तक 2 किमी सड़क।
  • धौलपुर राजाखेड़ा से 5 किमी पिनाहट कस्बा तक।
  • फतेहाबाद कस्बा से बाह रोड पर 10 किमी सड़क।
  • बरहन में टेहू से बास पीता तक एक किमी सड़क। 
  • बरहन में टेहू से राम नगर तक 2 किमी सड़क। 
  • किरावली से नगला बहरावती तक 2 किमी सड़क।
  • किरावली महुअर नाले से पाली सदर तक क्षतिग्रस्त मार्ग।
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