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मजबूर मां ने लगाई बेटे की बोली, मदद को खाकी ने बढ़ाए हाथ, दुखभरी है 'ममता' की कहानी

Wed, 09 Dec 2020 12:26 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बेटे को गोद में लेकर बैठी पीड़ित महिला - फोटो : अमर उजाला
आगरा में डेढ़ साल के अबोध का इलाज कराने में असमर्थ मां ने बोली लगा दी। बच्चे को खरीदने के लिए महिलाएं भी जुट गईं। बोली लगाती मां की जानकारी पर सामाजिक कार्यकर्ता आ गए। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। कुछ लोगों ने ट्वीट भी कर दिया। इस पर पुलिस पहुंच गई। बच्चे को इलाज के लिए एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। थाना सदर पुलिस ने महिला को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा भी मदद का भरोसा दिया।
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सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस - फोटो : अमर उजाला
महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने बताया कि थाना सदर क्षेत्र के एक मोहल्ले का जूता कारीगर शराब पीने का आदी है। वह जुआ भी खेलता है। इस कारण घर में रुपये नहीं देता है। कारीगर की पत्नी बीमार रहती है। तीन साल के बेटे को जिठानी को दे दिया था। डेढ़ महीने पहले एक और बेटा हुआ। वह बीमार रहता है। ठीक से खाना पीना नहीं मिलने के कारण अबोध कुपोषण का शिकार हो गया। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को तबीयत खराब होने पर बेटे को मां एसएन मेडिकल कालेज लेकर आ गईं। मगर, पति साथ नहीं था। इस कारण इलाज नहीं करा पा रही थी। मंगलवार दोपहर को महिला ने बेटे की छु्ट्टी करा ली। इसके बाद तीमारदार कक्ष में आकर बच्चे को बेचने की कहने लगी। यह देखकर पहले तो सभी सकते में पड़ गए। बाद में खंदारी की एक महिला ने 10 हजार की बोली लगा दी। कई और महिलाएं आ गईं। 

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महिला को सहायता राशि देते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
नरेश पारस ने बताया कि महिला को बोली लगाता देखकर वे आ गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उधर, कुछ लोगों ने पुलिस को ट्वीट कर दिया। सोशल मीडिया सेल के प्रभारी को जानकारी हुई तो उन्होंने थाना एमएम गेट पुलिस को भेज दिया। एसएन मेडकल कालेज के प्राचार्य आ गए। उन्होंने बच्चे को भर्ती कराया। पुलिस ने महिला को मदद का भरोसा दिया। सूचना पर थाना सदर पुलिस भी पहुंच गए। थाना के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने बच्चे के इलाज और परिवार की सहायता के लिए 11 हजार रुपये दिए हैं। इसके अलावा भी परिवार की मदद का भरोसा दिया गया है। 
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बेटे को गोद में लेकर बैठी पीड़ित महिला - फोटो : अमर उजाला
नरेश पारस ने बताया कि उन्होंने सहायता के लिए आशा ज्योति केंद्र के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। मगर, यह नंबर सुचारू नहीं था। इस पर प्रभारी का कॉल लगाया, लेकिन उठा नहीं। इसके बाद महिला हेल्प लाइन पर भी कॉल किया। मगर, उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत करने के लिए बोल दिया। फिर एसएसपी पीआरओ से बात की। उन्होंने 112 नंबर मिलाने की सलाह दी। मगर, चार बार में नंबर नहीं लगा। बाद में जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर कॉल किया। फोन दो बार उठा, लेकिन बात नहीं हो सकी। इस पर एसपी सिटी के सीयूजी को मिलाया। पीआरओ ने फोन उठाया। उन्होंने थाना एमएम गेट पुलिस को सूचना दी।
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