आगरा में कपड़ा व्यापारी राहुल अग्रवाल की हत्या में गिरफ्तार किए गए बिगड़ैल रईसजादे राजीव अग्रवाल को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट के सामने पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व हुई पूछताछ में उसने पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें बताईं। आरोपी वारदात के वक्त शराब के नशे में धुत था। कार से एक्टिवा टकराने पर उसने कपड़ा व्यापारी को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारी थी। अगली स्लाइड्स में पढ़ें सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ी चौंकाने वाली बातें...
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हत्या आरोपी राजीव
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी राजीव ने पुलिस को बताया कि राहुल को एक गोली मार देने के बाद वो भाग गया था। उसे लगा कि कहीं राहुल बच न गया हो, इसलिए दूसरी कार से फिर से मौका-ए-वारदात पर आया। उस समय एसएसपी बबलू कुमार और पुलिस टीम मौजूद थी। उनके सामने ही लाश को देखा, तब तसल्ली हुई और वह लौट गया। उसने कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है।
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राहुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कमला नगर निवासी राहुल की हत्या सात दिसंबर को वाटर वर्क्स पर पुलिस बूथ के सामने हुई थी। पुलिस ने मोती गंज के मैदा व्यापारी कमला नगर निवासी राजीव अग्रवाल को बरेली से गिरफ्तार किया। उसने रविवार को ही यह बात बता दी थी कि उसकी कार में राहुल के एक्टिवा से टक्कर लग गई थी। इसी गुस्से में उसे गोली मार दी।
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हत्या के आरोपी के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
थाना हरीपर्वत में हुई पूछताछ में उसने बताया कि हत्या के बाद उसे लगा कि अगर राहुल बच गया तो उसे जेल भिजवा देगा। वो पुलिस को उसका नाम बताएगा और पुलिस उसे पकड़कर ले जाएगी। उसने अपनी नीले रंग की गाड़ी मौसेरे भाई मनीष अग्रवाल के घर खड़ी की। मनीष की सफेद रंग की कार लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंचा। वो पुलिस के सामने था लेकिन तब तक पुलिस को यह मालूम ही नहीं था कि हत्या उसने की है। पुलिस नीले रंग की कारों की चेकिंग कर रही थी। कार का नंबर भी मिल गया था। इसी नंबर की तलाश थी।
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सीसीटीवी फुटेज चेक करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए राजीव की गाड़ी का पता लगा लिया। उसके नंबर से राजीव की डिटेल मिल गई। 15 घंटे बाद कमला नगर के एफ ब्लाक निवासी दिवंगत मैदा व्यापारी रमाशंकर अग्रवाल के घर पहुंच गए। कार उनके बेटे राजीव अग्रवाल की थी। उसी ने हत्याकांड को अंजाम दिया था। मोतीगंज में उसका मैदे का कारोबार है। राजीव का फोन स्विच ऑफ था। इस पर उसकी कॉल डिटेल निकलवाई गई। इसमें मनीष का नंबर मिला। मनीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने सख्ती से पूछताछ पर पुलिस को पूरी कहानी बता दी कि राहुल की हत्या कर राजीव भाग गया है। इसके बाद पुलिस राजीव की तलाश में लगी।
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आरोपी को कोर्ट से जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने राजीव से घटना के बाद की पूरी कहानी भी मालूम की। पुलिस का कहना है कि उसने बताया है कि राहुल को गोली मारने के बाद उसने सबसे पहले मनीष को फोन किया। उसे बताया कि किसी का खून कर दिया है। थोड़ी देर बाद जब घर पहुंचा तो पत्नी से कहा कि किसी से झगड़ा हो गया है, उसे परेशान न करे, वो चैन से सोना चाहता है। रातभर चैन की नींद सोया और अगले ही दिन बरेली भाग गया था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
राहुल अग्रवाल के परिजन बेहद गुस्से में है। उनका कहना है कि जरा सी बात के लिए राजीव ने यह हत्या की है। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वे लोग चाहते हैं कि पुलिस उसे उनके हवाले करे, ताकि वे उसे सजा दे पाएं। एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद और हरीपर्वत के थाना प्रभारी अजय कौशल राहुल सोमवार को उसके घर पहुंचे। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। चार्जशीट जल्दी दाखिल की जाएगी। पैरवी के लिए केस को चिन्हित किया जाएगा। गवाही भी जल्द कराई जाएगी। इस पर उन लोगों का गुस्सा शांत हुआ।