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Agra: किसने की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या ? सदमे में बहनें, बोलीं- डेढ़ साल से कोई कर रहा था भाई का पीछा

Mon, 12 Dec 2022 01:04 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बहनें मीनाक्षी और अनुपमा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंचल कुमार तिवारी को पहले से जान का खतरा था। डेढ़ साल से वो परिजन से कहते थे कि कोई उनका पीछा करता है। मगर, माता-पिता की मौत की वजह से तनाव में होने की आशंका को लेकर परिजन ने ध्यान नहीं दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद परिजन अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सदर क्षेत्र के उखर्रा मार्ग स्थित गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी अंचल कुमार तिवारी (31) एक दिसंबर को नोएडा बहन के घर गए थे। चार दिसंबर को कार से घर के लिए निकले थे। तभी लापता हो गए थे। पांच दिसंबर की शाम को उनकी कार एटा के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र की जाबड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में हाजरा नहर किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।

सात दिसंबर को अंचल कुमार के चाचा राजेंद्र बाबू तिवारी ने थाना सदर में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। नौ दिसंबर की रात को अंचल कुमार का शव नहर में दस किलोमीटर दूर मिला था। परिजन आत्महत्या की आशंका जाहिर कर रहे थे। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबने से आया। इससे हत्या की पुष्टि हो गई। चाचा ने बताया कि वह पुलिस को तहरीर देंगे। 
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अंचल कुमार की बड़ी बहन अनुपमा का घर सिकंदरा के शास्त्रीपुरम में है। चार साल से वह नोएडा में रह रही हैं। बेटा पढ़ाई कर रहा है। इस वजह से वहां पर रहती हैं। छोटी बहन मीनाक्षी लवानिया का घर शमसाबाद मार्ग पर है। वह गुरुग्राम में रह रही हैं। एक दिसंबर को अंचल अनुपमा से मिले थे। अंचल कुमार दो दिसंबर को मीनाक्षी के पास गए। चार दिसंबर को घर आने के लिए निकले थे। रविवार को थाना सदर की पुलिस मृतक इंजीनियर के घर पहुंची। परिजन से पूछताछ की। घटना की जानकारी ली। बहनों ने पुलिस को बताया कि मां की चार साल तो पिता की डेढ़ साल पहले कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी। माता-पिता की मौत के बाद से अंचल अकेले रहते थे। उनका कोई दोस्त भी नहीं था।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बहनें मीनाक्षी, अनुपमा और जीजा रविंद्र - फोटो : अमर उजाला
बहनों ने पुलिस को बताया कि भाई अकेले रहने के दौरान तनाव में रहने लगे थे। इस कारण वो रोजाना भाई से बात करती थीं। वह जब भी घर आते थे तो किसी अजनबी व्यक्ति की आहट को लेकर आशंकित रहते थे। वह अपने पीछे कुछ लोगों के पड़े होने के बारे में कहते थे। उन्हें हत्या की आशंका जाहिर करते थे। इस पर लग रहा था कि भाई माता-पिता की मौत के बाद से अकेले रहने की वजह से यह बात करते हैं। उन्हें किसी तरह का बहम हो गया है। इसलिए मनोचिकित्सक को दिखाने की सलाह दी थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर बहनों ने जांच की मांग की। भाई को जान का खतरा था तो वो लोग कौन हैं? भाई ने कभी किसी का नाम नहीं बताया था।

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नहर से बरामद हुआ था शव - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चार दिसंबर को अंचल की बहन अनुपमा से रात 10:30 बजे फोन पर बात हुई थी। तब अंचल ने उन्हें खंदारी ओवरब्रिज पर बताया था। रात 11 बजे छोटी बहन मीनाक्षी ने फोन किया तो दयालबाग क्षेत्र में बताया। वहां जाने का कारण पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया। फोन कट गया। दस मिनट बाद फिर से फोन मिलाने पर स्विच ऑफ हो गया। 
 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि मृतक की घटना वाले दिन की लोकेशन नोएडा यमुना एक्सप्रेस वे की आई है। खंदौली पहुंचने के बाद फिरोजाबाद की तरफ चल दिए। टूंडला-एटा मार्ग पर फोन स्विच ऑफ हो गया। मृतक की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। परिजन जो भी तहरीर देंगे, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 
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