आगरा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंचल कुमार तिवारी को पहले से जान का खतरा था। डेढ़ साल से वो परिजन से कहते थे कि कोई उनका पीछा करता है। मगर, माता-पिता की मौत की वजह से तनाव में होने की आशंका को लेकर परिजन ने ध्यान नहीं दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद परिजन अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सदर क्षेत्र के उखर्रा मार्ग स्थित गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी अंचल कुमार तिवारी (31) एक दिसंबर को नोएडा बहन के घर गए थे। चार दिसंबर को कार से घर के लिए निकले थे। तभी लापता हो गए थे। पांच दिसंबर की शाम को उनकी कार एटा के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र की जाबड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में हाजरा नहर किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।
सात दिसंबर को अंचल कुमार के चाचा राजेंद्र बाबू तिवारी ने थाना सदर में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। नौ दिसंबर की रात को अंचल कुमार का शव नहर में दस किलोमीटर दूर मिला था। परिजन आत्महत्या की आशंका जाहिर कर रहे थे। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबने से आया। इससे हत्या की पुष्टि हो गई। चाचा ने बताया कि वह पुलिस को तहरीर देंगे।