पीएम मोदी ने बुधवार को स्वच्छता की सेवा अभियान की शुरुआत की। मथुरा के पंडित दीन दयाल उपाध्याय वेटरनेरी विश्वविद्यालय में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कूड़ा से प्लास्टिक अलग करने वाली महिलाओं के साथ बैठकर उनसे जाना कि किस तरह वह कार्य करती हैं। महिलाओं के समूह के साथ उन्होंने बातचीत की।
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कूड़े से प्लास्टिक अलग करने वाली महिलाओं के समूह के साथ पीएम मोदी
- फोटो : ani
पीएम मोदी ने कहा कि कचरे से कंचन की सोच ही हमारे पर्यावरण की रक्षा करेगी। आस पास के वातावरण को स्वच्छ बनाएगी। अपनी आदतों में भी हमें परिवर्तन करने होंगे। कहा कि हमें यह तय करना है कि जब भी दुकान, बाजार में खरीदने के लिए जाएं तो साथ में अपना थैला, बैग अवश्य ले जाएं। पैकिंग के लिए दुकानदार प्लॉस्टिक का उपयोग कम से कम करें ये भी करना होगा। सरकारी कार्यक्रमों में भी प्लॉस्टिक की बोतलों के बजाए मिट्टी के बर्तनों या मेटल की व्यव्स्था हो।
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कूड़े से प्लास्टिक अलग करने वाली महिलाओं से बात करते पीएम मोदी
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पीएम मोदी ने वेटरनेसी विश्वविद्यालय में अपने भाषण में कहा कि युवाओं से वे अपील करते हैं कि स्टार्टअप ग्रांड चैलेंज के साथ जुड़िये। हमें समाधान खोजना है। हरे चारे की व्यवस्था कैसी हो। प्लास्टिक की थैलियों को सस्ता और सुलभ विकल्प क्या हो सकता है। भारत सरकार आज उस चैलेंज को लांच कर रही है। देश की समस्या का समाधान देश की मिट्टी से ही निकलेगा।
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प्लास्टिक अलग करने वाली मशीन की जानकारी लेते पीएम मोदी
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पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा के पीछे यही भावना जुड़ी है। प्लास्टिक से होने वाली समस्या समय के साथ गंभीर होती जा रही हैं। प्लास्टिक पशुओं की मौत का कारण बन रही हैं। नदियां, झीलों और तलाबों में रहने वाले जीवों का प्लास्टिक निगलने के बाद जिंदा बचना मुश्किल हो रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना ही होगा। हमें ये कोशिश करनी है कि इस वर्ष दो अक्टूबर तक अपने घरों, दफ्तर, कार्यक्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें।
मंच पर मौजूद पीएम मोदी, योगी आदित्यनाथ भाजपा के मंत्री व मथुरा की सांसद हेमा मालिनी
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कार्यक्रम के दौरान मंच पर मंत्री गिरिराज सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, गजेंद्र सिंह शेखावत, मथुरा के सांसद हेमा मालिनी मौजूद रहे।