कासगंज में ट्रेन की टेंपो से भिड़ंत होते ही जोरदार झटके के साथ दहशत में आ गए। ट्रेन से बाहर झांका तो उन्हें नहर का पुल नजर आया और यात्रियों को लगा कि यह ट्रेन नहर में गिरने वाली है। ऐसी स्थिति देख यात्रियों के हलक सूख गए।
विज्ञापन
2 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
200 मीटर के बाद ट्रेन के रुकते ही यात्रियों की जान में जान आई और यात्री तेजी से ट्रेन से बाहर निकलने लगे। इस भगदड़ में कई यात्रियों के पैर में रेल लाइन के किनारे के पत्थर लग गए और वे चुटैल हो गए।
विज्ञापन
3 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मारहरा से ट्रेन में सवार हुए रेल यात्री विकास ने बताया कि नहर पुल पर डगमगाती ट्रेन को देखकर कलेजा कांप गया। यह स्थिति बेहद डरावनी थी।
4 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं कचौरा के यात्री राहुल ने कहा कि ट्रेन के टकराते ही जोरदार झटका लगा। इसी के साथ ही उनके समझ में आ गया कि कोई दुर्घटना हुई है। रेल यात्री नासिर और लटूरी सिंह भी बेहद डरे हुए नजर आए। उन्होंने भी अंदेशा जताया कि ट्रेन यदि नहर में गिर जाती तो बड़ा हादसा हो जाता।
विज्ञापन
5 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे जंक्शन का हूटर बजाया गया। इसके बाद तत्काल ही रेलवे के प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी और गैंग मैन मौके पर रवाना हो गए।
विज्ञापन
6 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह ने रेल कंट्रोल को दुर्घटना के बाद की स्थिति की जानकारी दी। दुर्घटनाग्रस्त इलाके के रेलपथ के गेज की मापतौल कराई और पैंडल क्लिप आदि सेट कराए गए।
विज्ञापन
7 of 8
रेल हादसा
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज-मथुरा रेल मार्ग के हजारा नहर पुल के नजदीक हुई दुर्घटना के दौरान यदि ट्रेन की स्पीड अधिक होती तो ट्रेन नहर में गिर सकती थी। दुर्घटनास्थल से पहले मारहरा के बाद रेलवे ट्रैक में मोड़ भी था और पुल नजदीक होने पर कॉशन आर्डर लेकर ट्रेन को पास किया जा रहा था।
इस समय ट्रेन की स्पीड 50 किलोमीटर की रफ्तार पर थी। आमतौर पर ट्रेन की स्पीड 100 किलोमीटर की होती है। जिससे ट्रेन की स्पीड कम थी। लो स्पीड के बावजूद लोडर टेंपो को घसीटती हुई ट्रेन पुल पार करने के बाद रुकी।