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शहीद बेटे की मूर्ति लगवाने को चार साल से चक्कर काट रहे माता-पिता, पूर्व सैनिकों ने किया यह एलान

Fri, 10 Jan 2020 09:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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शहीद गोविंद सिंह के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
देश की खातिर आगरा के बहादुर लाल ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन शहीद की मूर्ति लगवाने के लिए बुजुर्ग माता-पिता पिछले चार साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। मूर्ति लगने के लिए स्थल का चयन होने के बाद स्वीकृति मिल चुकी है, मगर नगर निगम के सदन में अनुमोदन नहीं हो पाने के कारण आज तक शहीद की मूर्ति नहीं लग सकी है।
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शहीद गोविंद सिंह के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
आगरा में बुजुर्ग माता-पिता अपने शहीद बेटे की मूर्ति लगवाने के लिए पिछले चार साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। सांसद और विधायक के प्रयासों के बाद नगर निगम ने मूर्ति लगवाने के लिए स्थल का चयन करके स्वीकृति तो दे दी, लेकिन सदन में अनुमोदन नहीं हो पाने के कारण आज तक शहीद की मूर्ति नहीं लग सकी है।
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शहीद की अंतिम यात्रा (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
शहर के राजपुर चुंगी रोड स्थित भोजनगर के रहने वाले प्रताप सिंह मेहता रिटायर्ड फौजी हैं। उन्होंने अपने दोनों बेटों को भी सेना में भेजा। बड़ा बेटा लांस नायक गोविंद सिंह 9 पैरा स्पेशल फोर्स में तैनाती के दौरान आपरेशन कृष्णाघाटी में आतंकियों से मुकाबला करते समय 14 अक्टूबर 2015 को शहीद हो गया। दूसरा बेटा महेंद्र सिंह कारगिल युद्ध में घायल हुआ था। 

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आगरा नगर निगम
प्रताप सिंह ने बताया कि बेटे के शहीद होने के बाद प्रशासन और नेताओं ने बेटे का स्मारक बनवाने का आश्वासन दिया। उनके पास कोई जमीन व खेती नहीं है। ऐसे में राजपुर चुंगी पर तिकोनिया पार्क में मूर्ति लगवाने के लिए आगरा के सांसद रहे डॉ. रामशंकर कठेरिया और विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने नगरायुक्त और मेयर को पत्र लिखे। नगर निगम के संपत्ति विभाग समेत अन्य विभागों ने सर्वे कराया और शहीद की मूर्ति लगाने के लिए अनापत्ति दे दी। 
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शहीद गोविंद सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
प्रताप बताते हैं कि तभी से वो पत्नी कमला देवी के साथ अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं मगर अभी तक शहीद बेटे की मूर्ति नहीं लग सकी है। नगर निगम के सदन का अनुमोदन होने पर ही मूर्ति लग सकती है। शहीद के माता-पिता अपने जीवनकाल में अपने लाल की मूर्ति राजपुर चुंगी में लगी देखना चाहते हैं। 
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शहीद की मां कमला देवी - फोटो : अमर उजाला
शहीद की मां कमला देवी कहती हैं कि देश के लिए एक बेटे को खो दिया तो दूसरा किसी तरह बच गया। अपने जीवन काल में बेटे की मूर्ति को राजपुर चुंगी पार्क में देखना चाहते हैं, ताकि युवा पीढ़ी भी देश सेवा के लिए प्रेरित हो सके। पूर्व सैनिकों की संस्था एक्स सर्विसमैन सोसाइटी के सचिव बीर बहादुर सिंह का कहना है कि शहीद गोविंद सिंह की मूर्ति जल्द नहीं लगवाई गई तो वो पूर्व सैनिकों के साथ नगर निगम में धरना प्रदर्शन करेंगे।
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