मेरा पास सुबह चार बजे अस्पताल से फोन आया, ऑक्सीजन खत्म हो गई है... मरीज को ले जाइए या सिलिंडर का इंतजाम करिए। फतेहाबाद से सिलिंडर लेकर शाम तीन बजे अस्पताल पहुंचे। उस समय वहां बहुत अफरातफरी मची थी। लोग रो रहे थे। चीख रहे थे। हमने अपने मरीज से मिलने के लिए कहा तो स्टाफ ने पीपीई किट लाने को बोल दिया। पीपीई किट लेकर आए तो स्टाफ ने मरीज से मिलाने से मना कर दिया। रात आठ बजे हमें बताया कि तुम्हारा मरीज नहीं रहा। ये बयान मंगलवार को मालवीय कुंज निवासी गीतिमा ग्रोवर ने एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी को दर्ज कराया है। श्री पारस अस्पताल की दमघोंटू मॉकड्रिल मामले की जांच में मंगलवार को दूसरे दिन तीन मृतकों के परिजनों ने बयान दर्ज कराए हैं। सुबह 11 बजे गीतिमा ग्रोवर ने सबसे पहले बयान दर्ज कराए।