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UP: मेडल और प्रमाणपत्र पाकर खिल उठे मेधावी, सूरसदन में गूंजा ‘भविष्य ज्योति सम्मान’; देखें तस्वीरें

Thu, 04 Jun 2026 11:43 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित भविष्य ज्योति मेधावी सम्मान समारोह में 1200 से अधिक छात्रों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। डीएम मनीष बंसल सहित अतिथियों ने विद्यार्थियों को अपने हुनर को पहचानकर निरंतर मेहनत करने की सीख दी।
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रमाणपत्र और मेडल पाने की खुशी क्या होती है। सूरसदन प्रेक्षागृह में बुधवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति मेधावी सम्मान समारोह में देखने मिली। मंच पर जब मेधावियों को गले में मेडल पहनाते हुए प्रमाणपत्र थमाए गए तो उनके चेहरे खिल उठे।

मंगलायतन विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई के हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के मेधावियों को सम्मानित किया। इसमें 1200 से अधिक विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और मेडल दिए। विशेषज्ञों ने कृषि, कला, विज्ञान, वाणिज्य वर्ग समेत विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्हें बताया कि इंटरमीडिएट के बाद तमाम कोर्स संचालित हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन कर मनमाफिक पैकेज की नौकरी पा सकते हैं। यहां तक कि खुद का उद्यम भी शुरू किया जा सकता है। कार्यक्रम में ओलंपियाड विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मनीष बंसल, विशिष्ट अतिथि एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा, डीआईओएस-द्वितीय विश्वनाथ प्रताप सिंह मौजूद रहे। संचालन अमित सूरी ने किया।


 
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपने हुनर को पहचान कर आगे बढ़ें: डीएमडीएम मनीष बंसल ने मेधावियों से कहा कि शिक्षा ही एकमात्र जरिया है, जिससे आप अपने सपने पूरे कर सकते हैं। लक्ष्य तय करें उसे प्रयास करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी में अलग-अलग मेधा होती है। कोई मैनेजमेंट, विभागीय कार्य तो कोई सामाजिक समस्या सुलझाने में बेहतर होता है। ऐसे में अपने हुनर को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों की सलाह को कभी नजरअंदाज न करें, सही मायने में वही आपके सच्चे हितैषी हैं।
 
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयम, धैर्य और निरंतर मेहनत से पाएंगे सफलता
एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि संयम, धैर्य और निरंतर मेहनत से ही आप सफलता पा सकते हैं। लक्ष्य पाने में फेल भी हो जाएं तो निराश होने की बजाय मुकाम हासिल न होने तक प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में बेहतर अंक पाना ही एकमात्र सफलता का पैमाना नहीं है। आगे भी ऐसे ही मेहनत करनी होगी। उन्होंने बच्चों को सीख देते हुए कहा कि आप जब भी किसी मुकाम पर पहुंचें तो इसका मुख्य ध्येय सेवाभाव ही होना चाहिए।





 

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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतिस्पर्धा के साथ पाठ्यक्रम के भी बढ़े विकल्प
मंगलायतन विश्वविद्यालय के डिप्टी जनरल मैनेजर मयंक प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के साथ कॅरिअर के विकल्प भी तेजी से बढ़े हैं। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के अलावा अनेक जॉब ओरिएंटेड कोर्स उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी सफल कॅरिअर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी कोर्स का चयन करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। नीट जैसे परीक्षा में सफलता नहीं मिलने पर भी फार्माडी, बीएससी एग्रीकल्चर, पांच वर्षीय बीएएलएलबी सहित कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के लिए यह काफी मददगार साबित होती हैं।

 
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
निरंतर सीखना सफलता की कुंजी
मंगलायतन विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च प्रो. रविकांत ने कहा कि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर है। इसी समय से सफलता की नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और अभिभावकों को भी बच्चों को अपने कॅरिअर का चयन करने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने को सफलता की कुंजी बताया। प्रो. रविकांत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए अवसरों को अपनाना जरूरी है और असंभव जैसा कोई शब्द नहीं होता। आज युवा स्टार्टअप स्थापित कर रोजगार देने वाले बन रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

 
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेधावियों को मंच देना अमर उजाला की अनूठी पहल
डीआईओएस द्वितीय विश्वप्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और लगन का परिणाम अमर उजाला के मंच पर देखने को मिला है। ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भी क्षेत्र का चयन करें, उसमें सेवा का भाव होना चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमारे कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
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भविष्य ज्योति सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये बोले मेधावी:
वार्तिक शिवहरे ने कहा कि आगे की पढ़ाई को लेकर मैं उलझन में था, लेकिन अमर उजाला के भविष्य ज्योति कार्यक्रम में विशेषज्ञों से तमाम कोर्स की जानकारी मिलने के बाद मेरा विजन स्पष्ट हो गया।

अर्णव सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट के बाद मिलने वाले कई नए कोर्स के बारे में जानकारी मिली, जिनके बारे में पहले पता नहीं था। अब घर जाकर माता-पिता से इस पर चर्चा करूंगा और पढ़ाई के लिए नई प्रेरणा मिली है।

दामिनी फिरोजिया ने कहा कि इतने सारे मेधावियों के बीच सम्मान पाकर बहुत खुशी हुई। अब मैं और अधिक मेहनत करूंगी और अच्छे अंक लाने का प्रयास करूंगी, विशेषज्ञों की काउंसलिंग से आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

वैष्णवी श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में नौकरी और उद्यम स्थापना से जुड़े कई कोर्स के बारे में जानकारी मिली। इससे करियर को लेकर स्पष्टता आई है और आगे की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

धार्विक चौधरी ने कहा  सम्मान पाकर बहुत खुशी हुई। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं आगे भी अच्छे परिणाम लाने के लिए लगातार मेहनत करता रहूंगा।

अंकिता ने कहा कार्यक्रम में कॅरियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जो भविष्य की तैयारी में बहुत उपयोगी रहेगी और इससे आगे की राह आसान होगी।

आकांक्षा ने बताया सम्मान पाकर बहुत अच्छा लगा। अब मैं और मन लगाकर पढ़ाई करूंगी ताकि अपने परिवार का नाम रोशन कर सकूं, यह सम्मान मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

संस्कृति सिंह ने कहा मेहनत करने वालों को सम्मान जरूर मिलता है, यह आज महसूस किया। मुझे आगे बेहतर करने की प्रेरणा मिली है और अब मैं पूरी लगन से पढ़ाई कर एक अच्छा भविष्य बनाने की कोशिश करूंगी।
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