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तस्वीरें: सुप्रीम कोर्ट के आदेश ताक पर, प्रशासन की अनदेखी से लग रही ताज पर ‘कालिख’

Wed, 24 Oct 2018 03:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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काले धुएं में धुंधला दिखाई देता ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल को पीलेपन और प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश और केंद्र सरकार को लगातार फटकार लगाई जा रही है, लेकिन उपाय करना तो दूर, ताज पर कालिख पोतने में ही सरकारी मशीनरी लगी हुई है। सप्ताह भर से ताजमहल के पास लगातार कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे कार्बन के कणों का जमाव ताज पर बढ़ गया है।
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तस्वीरें: सुप्रीम कोर्ट के आदेश ताक पर, प्रशासन की अनदेखी से लग रही ताज पर ‘कालिख’

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काले धुएं में धुंधला दिखाई देता ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
छीपीटोला सब्जी मंडी के पास बनाए गए डंपिंग जोन में मंगलवार को कई घंटे आग सुलगती रही, जिसका काला धुंआ ताजमहल पर पहुंचता रहा। एएसआई की रिपोर्ट भी ताज के प्रदूषण के लिए किले की ओर आने वाली हवाओं को जिम्मेदार बता चुकी है। एएसआई साइंस ब्रांच के अध्ययन में भी पश्चिमी उत्तर दिशा यानी आगरा किला की ओर से चलने वाली हवाओं के जरिए सबसे ज्यादा प्रदूषण ताज पर बताया गया है। 
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तस्वीरें: सुप्रीम कोर्ट के आदेश ताक पर, प्रशासन की अनदेखी से लग रही ताज पर ‘कालिख’

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ताजमहल
ताजमहल के गुंबद पर जो कार्बन कण मिले थे, उनके सैंपल के अध्ययन से यह साबित हुआ कि पश्चिमी उत्तरी दिशा से ही सबसे ज्यादा कार्बन के कण ताजमहल पर पहुंच रहे हैं। इस ओर ताजगंज श्मशान घाट, मंटोला नाले से निकले कूड़े को जलाने, छीपीटोला, यमुना किनारे की ओर कूड़ा जलाने से हवा सीधे ताजमहल के गुंबद तक टकराती है। 

तस्वीरें: सुप्रीम कोर्ट के आदेश ताक पर, प्रशासन की अनदेखी से लग रही ताज पर ‘कालिख’

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छीपीटोल में जलता कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
छीपीटोला में पुरानी सब्जी मंडी स्थल पर नगर निगम ने अस्थायी डंपिंग जोन बना रखा है। यहां निगम की छोटी गाड़ियों से कर्मचारी कूड़ा एकत्र कर पहुंचाते हैं और फिर यहां से डंपर के जरिए कूड़ा एत्मादपुर पहुंचता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
यहां हर समय 40 से 50 मीट्रिक टन कूड़ा मौजूद रहता है, जिसमें ज्यादातर आग लगा दी जाती है। इस क्षेत्र के रहने वालों के लिए न केवल कूड़े की बदबू, बल्कि कूड़ा जलाने से निकलने वाला जहरीला धुंआ नासूर बन रहा है।
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