शादी के सात फेरों के दौरान जीवन के हर सफर पर साथ निभाने का वादा तो सभी करते हैं, लेकिन एक दंपती ऐसा भी था, जिसने आखिरी सफर पर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। एक साथ ही दोनों ने जिंदगी को जिया तो एक साथ ही वे दुनिया को अलविदा कह गए। शनिवार को एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ तो हर आंख नम हो गई।
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दंपती के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
दिल को झकझोर देने वाला यह मामला मैनपुरी जिले के थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव गांगसी का है। यहां शनिवार को एक साथ नवविवाहित दंपती की अर्थी उठी। दुल्हन को शादी के जोड़े में पति के साथ से दुनिया से विदा किया गया।
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हंसराज और मीरा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गांव गांगसी निवासी रामचंद्र का पुत्र हंसराज और उसकी पत्नी मीरा एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। सैफई में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। जब उनकी मौत की खबर मिली तो गांव में मातम पसर गया।
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एक चिता पर जले दोनों के शव
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को उनके शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई। परिवार के साथ-साथ गांव हर शख्स निशब्द था। हर कोई बस एक ही बात कह रहा था कि हंसराज और मीरा ने आखिरी सफर पर भी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
अभी तीन माह पहले उनकी शादी का दृश्य भी हर आंख में ताजा था। जब एक साथ उनकी अर्थी उठी तो पूरा गांव रो पड़ा। गांव के बाहर खेत पर एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया तो हर आंख छलक पड़ी।