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मौत का कुआं: जिंदगी के लिए तड़पते रहे चाचा और दो भतीजे, दमकल ने कर दी देरी...जिस तरह गई जान, कांप गए लोग

Wed, 25 Jun 2025 01:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

यूपी के शिकोहाबाद में कुएं में बेहोश होने के बाद तीनों चाचा-भतीजों की मौत हो गई। उससे पहले तीनों की जिंदगी बचाने का प्रयास किया गया। लोगों का गुस्सा उस समय भड़का, जब टीम खराब ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर मौके पर पहुंची। 

 
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कुएं में उतरे तीन लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
 मोबाइल निकालने कुएं में उतरे चाचा-भतीजों को बाहर निकालने में प्रशासन की लेटलतीफी एवं बदइंतजामी सामने आई। फायर ब्रिगेड की टीम खराब ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर ही मौके पर पहुंच गई। सिलिंडर से गैस का रिसाव हो रहा था। दूसरा सिलिंडर एक घंटे बाद लाया जा सका। लेटलतीफी को देखकर ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कई बार विरोध प्रकट किया। जिसको सीओ ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

शिकोहाबाद के नगला पोहपी में कुएं में गिरे मोबाइल को निकालने बारी-बारी गए चचेरे भाई ध्रुव कुमार, अजय कुमार एवं अजय का चाचा चंद्रवीर जहरीली गैस होने के चलते बेहोश हो गए थे। उनको कुएं से बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों समेत प्रशासनिक अमला भी मौके पर आ गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल ही फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुला लिया। घटना की जानकारी मिलने पर शिकोहाबाद फायर ब्रिगेड प्रभारी बृजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर आ पहुंचे, लेकिन जैसे ही फायरकर्मी को ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर कुएं में प्रवेश करने के लिए भेजा गया। वैसे ही सिलिंडर से गैस का रिसाव होने लगा।
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ग्रामीणों को शांत करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एडीएम विशु राजा, एसडीएम डॉ. गजेंद्रपाल सिंह समेत तमाम पुलिसकर्मियों एवं खुद अग्निशमन प्रभारी बृजेश कुमार ने सिलिंडर को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन रिसाव जारी रहा। ऐसे में कुएं से तीनों को बाहर निकलवाने में लगभग दो घंटे की देरी हो गई। फायर ब्रिगेड की बदइंतजामी के चलते प्रशासनिक अधिकारी भी असहाय हो गए। यह देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
 
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बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने अधिकारियों पर गुस्सा प्रकट किया। ग्रामीणों के बढ़ते हुए गुस्से को देखकर सीओ प्रवीण तिवारी एवं इंस्पेक्टर अनुज राणा ने माइक लेकर सभी ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दोपहर पौने तीन बजे करीब दूसरा ऑक्सीजन सिलिंडर एवं एफएसओ सतेंद्र पांडेय के आने के बाद रेस्क्यू शुरू किया जा सका। तीनों के शवों को कुएं से बाहर निकाला जा सका। सीएफओ सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि पूरे रेस्कयू में कुल दस ऑक्सीजन सिलिंडर लगाए गए।

 

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रोती मां - फोटो : अमर उजाला
रोते-रोते बेसुध हो गई अजय की मां
तीनों के कुएं के अंदर बेहोश हुए लगभग तीन घंटे बीत चुके थे। ऐसे में अजय की मां अरना देवी एवं पत्नी पिंकी देवी तथा उसके दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेसुध हो रही थीं। ग्रामीण महिलाओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों एवं फायर ब्रिगेड की लेटलतीफी पर उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई। 

 
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मौके पर मौजूद बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बिगड़ी फायरकर्मियों की हालत
कुएं में ऑक्सीजन का स्तर पता करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने मोमबत्ती को अंदर भेजा, लेकिन 10 फुट नीचे जाते ही मोमबत्ती बुझने लगी। ऑक्सीजन का स्तर की जांच करने के बाद ही फायरकर्मी नीचे गया। उसने पहले चंद्रवीर को बाहर निकाला। इसके बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ गई। दूसरे कर्मचारी ने ध्रुव को बाहर निकाला। जिसके बाद दूसरे फायरकर्मी की भी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद अजय को बाहर निकाला गया।


 
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तीनों मृतक - फोटो : अमर उजाला
कब क्या-क्या हुआ
दोपहर 1ः00 बजे-मोबाइल कुएं में गिरा

1ः10 बजे करीब ध्रुव कुएं में उतरा

1ः30 बजे करीब पीछे से अजय कुएं में उतरा

1ः50 बजे करीब आखिरी में चंद्रवीर कुएं में उतरा

2ः00 बजे करीब ग्रामीण महिला-पुरूष खेत पर पहुंचे

2ः10 बजे प्रशासनिक अधिकारी फायर ब्रिगेड संग पहुंचे

2ः20 बजे करीब ऑक्सीजन सिलिंडर लीक होने की जानकारी हुई

2ः39 बजे एफएसओ सतेंद्र पाण्डेय आखिरी में घटनास्थल पर पहुंचे

3ः10 बजे करीब ऑक्सीजन का दूसरा सिलिंडर लाया गया

3ः30 बजे चंद्रवीर का शव कुएं से निकाला गया

शाम 4ः00 बजे करीब अजय का शव कुएं से निकाला गया

शाम 5ः10 बजे करीब ध्रुव का शव कुएं से निकाला गया
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