ब्रज में शक्ति की उपासना के लिए घर-घर मां का दरबार सज गया है। नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में भक्तों ने घट स्थापना की। इसके बाद विधि-विधान से देवी मां की पूजा-अर्चना की। कोरोना काल में देवी मंदिरों को भी सजाया गया है। यहां विशेष पूजा अर्चना होगी, लेकिन श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं है।
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मां वैष्णो देवी मंदिर आगरा
- फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना हुई। आगरा के राजामंडी स्थित चामुंडा देवी मंदिर, हाथीघाट स्थित कामाख्या मंदिर, नूरी दरवाजा स्थित कालीबाड़ी मंदिर, शाहगंज का काली माता मंदिर, नामनेर के दुर्गा मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों को सजाया गया। यहां नवरात्र में फूल बंगले सजेंगे।
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राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर के बाहर दीप जलाते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के प्रमुख राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर के बाहर तड़के साढ़े तीन बजे से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भीड़ देखकर मंदिर कमेटी ने मंदिर के पट ना खोलने का फैसला लिया। मंदिर के बाहर ही खड़े भक्त सुबह तक पट खुलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद माथा टेककर लौट गए। मथुरा, मैनपुरी और एटा-कासगंज में नवरात्र की धूम है। लोग घरों में मां की आराधना कर रहे हैं।
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सुभाष पार्क स्थित प्राचीन चामुंडा मैया मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे करें मां की आराधना
सर्वप्रथम चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
इसके बाद चौकी पर मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
मां को पोशाक धारण कराएं, आभूषण पहनाएं, माला पहनाएं।
घट स्थापना करें। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित करें।
शुद्ध मिट्टी में जौ बोयें। श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ करके धूप-दीप से आरती करें।
आम की लकड़ी पर शुद्ध घी, लौंग, गुग्गल, सामग्री डालकर हवन करें। (जैसा ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया)
अछनेरा में देवी मंदिर के बाहर भक्त
- फोटो : अमर उजाला
बाह के ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर 58 साल यह दुर्लभ योग बना है, जो शुभ फल देता है। नवरात्र पर राजयोग, दिव्य पुष्कर योग, अमृत योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग, रवि योग, आनंद, सौभाग्य और धृति योग भी बन रहे हैं। इसमें निवेश, खरीद और बिक्री बेहद शुभ हैं।