मथुरा जिला जेल में सजा काट रहे दो मुस्लिम कैदियों ने एकता की मिसाल पेश की है। इनमें एक कैदी ने मशीन से सिलाई कर ठाकुर बांकेबिहारी के लिए पोशाक तैयार की तो दूसरे ने ईसाई समाज की दुल्हन की ड्रेस। इनके हुनर को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया है। इसके लिए बुधवार को जेल के अधिकारियों ने इन दोनों कैदियों की पीठ थपथपाई।
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कैदियों द्वारा बनाई गई बांकेबिहारी की पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
जिला जेल में कैदियों के स्वालंबन के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जेल से छूटने के बाद ये लोग अपना रोजगार कर सके। जेल में सिलाई केंद्र भी संचालित हो रहा है, जिसमें कई कैदी सिलाई के माध्यम से अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से वृंदावन के गांव धौरेरा निवासी इकबाल और अर्जुनपुरा निवासी इरशाद भी हैं।
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मुस्लिम कैदियों ने बनाई पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
इकबाल ने ठाकुर बांकेबिहारी जी की पोशाक तैयार की है। दूसरे बंदी इरशाद उर्फ कलुआ निवासी अर्जुनपुरा ने क्रिश्चियन दुल्हन की खूबसूरत पोशाक तैयार की है। दोनों ही बंदियों ने तिनका-तिनका संस्था द्वारा आयोजित प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसमें दोनों बंदियों को चुना गया और सम्मानित किया गया।
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मथुला जिला जेल
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को बंदियों को प्रोत्साहन के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेन्द्र मैत्रेय ने हुनरमंद कैदियों का सम्मान किया। मथुरा जिला जेल में चंदन की माला, गोपाल जी का मुकुट, पोशाक, दीपक, मोमबत्ती तथा ऑर्डर मिलने पर अन्य सामान तैयार किया जा रहा है।
जेल प्रशासन ने कैदियों की थपथपाई पीठ
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र ने बताया कि हमारा काम है बंदियों को अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। हमें खुशी है कि हमारे प्रयास सार्थक हो रहे हैं। प्रदेश स्तर पर हमारी जेल के दो बंदी पुरस्कृत हुए हैं।