रावण, मेघनाद, कुंभकरण का पुतला बनाते कारीगर
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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या में मंदिर को लेकर बेशक राजनीति हो रही हो लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जिनकी रोजी रोटी रामलीला पर ही आश्रित है। मथुरा निवासी जाफर अली पिछले 40 वर्ष से आगरा की रामलीला में रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण आदि के पुतले बना रहे हैं। उनका कहना है कि राम मंदिर पर लड़ाई का कोई मतलब नहीं है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए इसे मुद्दा बनाए हुए हैं। रामलीला से हमारे परिवार का पेट पलता है।
जाफर अली ने बताया कि उनका रामलीला से संबंध मात्र 40 वर्ष का नहीं है, हमारी पांचवीं पीढ़ी राम की सेवा कर रही है। यह परिवार का पुश्तैनी काम है। परिवार के सभी सदस्य रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण आदि के पुतले बनाने के काम में लगे हैं। केवल आगरा ही नहीं मथुरा, दिल्ली, सूरत, मुंबई तक पुतले बनाने जाते हैं।
जाफर अली ने कहा कि धर्म के नाम पर वही लड़ते हैं, जिनका पेट भरा है और करने को कुछ नहीं है। अन्यथा गरीब का एक ही धर्म है वह है मेहनत से कमाई हुई रोटी। उनके परिवार के लोग सूरत और मुंबई की रामलीला के लिए पुतले बना रहे हैं। जाफर अली बताते हैं कि पुतले बनाने का काम मजदूरी पर करते है। रामलीला कमेटी ही सामग्री उपलब्ध कराती है। इस काम में करीब एक महीने का समय लगता है। अलग-अलग पुतले बनाए जाते हैं।