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Ayushi Murder: मुखाग्नि देते हुए टूट गया पिता, पछतावा बहुत, काश फिर जिंदा हो जाए आयुषी...

Tue, 22 Nov 2022 03:10 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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आयुषी के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
आयुषी यादव की हत्या के बाद पिता नितेश यादव को बड़ा पछतावा है। आयुषी के पोस्टमार्टम के बाद राया पुलिस शव को अपने कब्जे में ले गई। उसके बाद शव का अंतिम संस्कार यमुनापार लक्ष्मीनगर पर किया गया। मुखाग्नि हत्यारोपी पिता नितेश यादव ने दी। इस दौरान पिता की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ता दिखाई दिया। उसकी जुबान पर लड़खड़ाते शब्द बयां कर रहे थे, कि जिस बेटी को इतने नाजों से पाला, उसकी हत्या करने बाद उसे गहरा आघात भी लगा है। 

नितेश यादव ने आयुषी के प्रेम विवाह करने से नाराज होकर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से दो गोलियां मारकर उसकी हत्या की थी। वारदात में पत्नी ब्रजवाला भी शामिल रही। इसके बाद दंपती अपनी कार में बेटी के शव को लाल रंग के ट्रॉली बैग में पैक करके 17 नवंबर की देर रात 3 बजे आगरा-दिल्ली हाईवे से वृंदावन होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। यहां पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में 18 नवंबर की सुबह 6.50 बजे ट्रॉली बैग को फेंकने के बाद एक्सप्रेसवे होकर वापस लौट गए।  
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आयुषी के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
पिता ने बताया कि वह पूरे एक वर्ष बेटी को समझाता रहा कि मेरी समाज में इज्जत को मत उछालो, लेकिन बेटी अपनी जिद पर अड़ी रही और जवाब देती थी कि अब मैं बालिग हो गई हूं, खुद फैसला ले सकती हूं। आखिरकार आपा खोकर जिन हाथों से बेटी के हाथ पीले करने का संकल्प लिया था, उन्हीं हाथों से बेटी की जान ले ली। आयुषी की हत्या करने के बाद बांहों में लेकर कई घंटे तक पिता आंसू बहाता रहा।
 
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मृतका का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता के लाड़-प्यार में पली बढ़ी आयुषी को इतना प्यार मिला कि वह उम्र के एक पड़ाव पर जाकर किसी और के प्यार के बंधन में बंध गई, जिसे परिजनों ने स्वीकार नहीं किया। मॉर्डन कल्चर को अपना कर बीसीए की छात्रा ने मंदिर में शादी तक कर ली थी। यह बात माता-पिता को नागवार लगी। मां ने भी दुलराया पर आयुषी नहीं मानी। अब परिवार की बर्बादी का आखिरी मंजर सबसे सामने है। 

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सूटकेस में मिला युवती का शव - फोटो : अमर उजाला
पिता आंसू बहाते हुए कहता रहा कि एक दफा वह फिर जिंदा होकर उसे पापा-पापा बोले। करीब 11 घंटे बिताने के बाद उसने ट्रॉली बैग में लाश को पैक किया। अपने किए पर पश्चाताप कर रहे नितेश ने कई जगह कार रोकी और वह यह तय नहीं कर पाया कि किस स्थान पर शव को फेंका जाए। दिल्ली से वृंदावन हाईवे तक पिता इसी उधेड़बुन में लगा रहा कि लाश को कहां फेंके। फिर कातिल पिता को यमुना एक्सप्रेसवे का किनारा सूझा और बेटी की लाश को फेंक दिया। पूरे रास्ते मां की ममता भी आंसुओं की धार को नहीं रोक पाई। 
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Ayushi yadav murder case - फोटो : अमर उजाला
आयुषी का अंतिम संस्कार यमुनापार लक्ष्मीनगर पर किया गया। मुखाग्नि हत्यारोपी पिता नितेश यादव ने दी। अंतिम संस्कार में आरोपी मां ब्रजबाला भी शामिल रही। पुलिस अभिरक्षा में हुए अंतिम संस्कार में भाई आयुष शामिल नहीं रहा। प्रभारी निरीक्षक ओमहरि वाजपेयी ने बताया कि आरोपी पिता ने अपनी मृत बेटी आयुषी को मुखाग्नि दी है। उस वक्त केवल ब्रजबाला ही मौजूद रही। भाई आयुष अपने रिश्तेदारों के पास चला गया। 11 वीं कक्षा का छात्र होने के नाते उस पर किसी ने दबाव नहीं बनाया।
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