मुलायम का हर अंदाज लोगों को उनका कायल बना देता था। एक बार की बात है वर्ष 1996 के चुनाव प्रचार के दौरान मुलायम सिंह को गांव रठेरा में सभा करनी थी। सभा से ठीक एक दिन पहले जिला प्रशासन ने मुलायम की सभा को लेकर हाथ खड़े कर दिए। मुलायम की जिद पर यहां बिना हेलीपैड के ही पायलट को हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा।
बात वर्ष 1996 के चुनाव की है, विधानसभा के साथ ही लोकसभा चुनाव भी हो रहे थे। मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से लोकसभा के प्रत्याशी थे और घिरोर विधानसभा से उर्मिला यादव विधानसभा की प्रत्याशी थीं। गांव रठेरा निवासी केसी यादव मुलायम के सामने कांग्रेस प्रत्याशी थे। कुछ दिन पहले ही तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा गांव में हेलीकॉप्टर से उतरे थे। नेताजी को भी उसी मंच पर सभा करनी थी, लेकिन सभा से ठीक एक दिन पहले अचानक जिला प्रशासन ने यह कहते हुए सभा न होने की सूचना घिरोर से सपा प्रत्याशी उर्मिला यादव को दी कि आसपास के खेतों के लोग सभा की अनुमति नहीं दे रहे हैं। हेलीपैड की ईंटें भी उखाड़ ली गई हैं। उर्मिला यादव ने इसकी जानकारी नेताजी को दी।