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बंदर ने गोद से छीन मार डाला था अबोध बेटा, रो रोकर कह रही मां- मेरे लाल कहां चला गया तू...

Tue, 13 Nov 2018 08:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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अबोध बच्चे की मां नेहा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के रुनकता में बंदर द्वारा मां की गोद से 12 दिन के अबोध बच्चे को छीन कर मार डालने की घटना ने सबका दिल झकझोर दिया है। बेटे की मौत के बाद मां की आंखों से न आंसू थम रहे हैं, न उसके दिमाग से वो खौफ का मंजर दूर हो रहा है, जब उसके लाल को बंदर उससे छीनकर ले गया और उसके सामने ही मार डाला। 
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मृतक बच्चे की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरे लाल तू कहां चला गया... तेरे बिना कैसे जी पाउंगी मैं... मुझे भी अपने साथ ले जाता...बस यही कहे जा रही है नेहा और रोए जा रही है। घटना के बाद से नेहा ने कुछ नहीं खाया है। पानी भी नहीं पी रही है। होठ सूख जाते हैं तो पड़ोस की महिलाएं जबरन एक दो घूंट पानी मुंह में डाल देती है। जो भी नेहा के आंसू पोंछने के लिए आता है, वह खुद रोने लगता है। 
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फाइल फोटो
नेहा सोमवार की देर शाम 12 दिन के सोनू को दूध पिला रही थी। तभी बंदर आया। उससे सोनू को छीन ले गया। उसकी आंखों के सामने ही सोनू की गर्दन पर काटा, बच्चे की वहीं पर मौत हो गई थी। इसके बाद बंदर मुंह से बच्चे के शव को उठा ले गया था। लोगों के पीछा करने पर एक छत पर छोड़ दिया था।

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रुनकता में डंडे लेकर निकले युवा - फोटो : अमर उजाला
दिल झकझोर देने वाली इस घटना के बाद रुनकता में हर तरफ बंदरों का खौफ है। लोग इतने डरे हुए हैं कि बच्चों को घरों में कैद कर दिया है और खुद लाठी-डंडे लेकर बंदरों को अपने मोहल्लों से दूर भगा रहे हैं। न वन विभाग की तरफ से कोई मदद मिल रही है और न ही प्रशासन की। इससे पहले भी बंदरों ने बच्चों पर हमले किए। मासूम को मार दिए जाने की घटना मोहल्ला कचहरा थोक में हुई। यहां महिलाएं खासतौर से सहमी हुई हैं। 
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बंदर भागते युवक - फोटो : अमर उजाला
इसी कॉलोनी के उदयवीर ने बताया कि लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे। घर में ही गेट बंद करके रख रहे हैं। छतों पर पहरे दिए जा रहे हैं। डंडे लेकर बंदरों के पीछे लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है। सोनू का कहना है कि महिलाएं छतों पर कपड़े सुखाने के लिए जाने से डर रही हैं। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य डंडा लेकर खड़े रहते हैं, तब कपड़े सुखाए जाते हैं। गली मोहल्लों और मैदान में बच्चों का खेलना बंद करा दिया गया है। 
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बंदर - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी सांसद चौधरी बाबूलाल ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना है कि बंदर मां की गोद से नवजात को उठा ले गया और उसकी मृत्यु हो गई। बंदरों का उत्पात अब आतंक में बदलता जा रहा है। इस संबंध में डीएफओ से वार्ता की है। जिलाधिकारी से भी मिलेंगे। अधिकारियों के साथ बैठक करके बंदरों की इस समस्या के समाधान की कोशिश की जाएगी। 
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बंदर - फोटो : अमर उजाला
मेयर नवीन जैन ने कहा कि शहर में बंदरों की समस्या गंभीर हो गई है। हालात ये हैं कि लोगों ने अपने मकानों को जालियों से पैक कर दिया है। बंदरों की समस्या पर पहले भी नगर निगम ने प्रयास किए थे लेकिन वाइल्ड लाइफ एक्ट के प्रावधानों की वजह से कोई प्रभावी अमल नहीं हो पाया। वाइल्ड लाइफ एसओएस ने बंदरों की स्टरलाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट चलाया था। उसका भी अध्ययन किया जाएगा। अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का हल निकाला जाएगा।

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बंदर के हमले में घायल बच्चे - फोटो : अमर उजाला
कचहरा थोक मोहल्ला में पिछले आठ दिनों में बंदरों ने 12 बच्चों को घायल किया है। इनमें नेत्रपाल का बेटा और सोनू की बेटी पायल भी शामिल है। इनके अतिरिक्त कई और लोगों पर हमले किए हैं। विजय सिंह की पत्नी रेखा, लोहरी पाटी के उदयवीर को भी बंदर काटकर घायल कर चुके हैं। वहीं बंदरों के चलते लोग दोहरी मुसीबत झेल रहे हैं। इनके आतंक से निजात तो है ही नहीं, अगर काट ले तो जिला अस्पताल में इंजेक्शन की सुविधा ही नहीं है। यहां महीने भर से एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) की सप्लाई बंद पड़ी है। सप्लाई का पूरे साल ऐसा ही हाल रहा है।
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बंदरों से बचकर निकलती महिलाएं
रुनकता से बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ऑफिस के सामने हंगामा प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि  बंदरों ने जीना मुहाल कर दिया। तोड़फोड़ तो कर ही रहे हैं, बच्चों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने डीएम से कहा कि बंदरों को पकड़वाने के लिए मुहिम चलवाई जाए। लोगों के साथ पूर्व विधायक सूरजभान भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक घटना है कि मां की गोद से छीनकर बंदर ने मासूम को मार डाला। पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए।
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