फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: चंबल में गूंजने लगी है व्हिसलिंग टील की सीटी, अंडमान-निकोबार से आए हैं ये पक्षी

Sun, 28 Nov 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
चंबल में अठखेलियां करते व्हिसलिंग टील पक्षी - फोटो : अमर उजाला
सर्दी की शुरुआत के साथ भोजन की तलाश में पहुंची व्हिसलिंग टील चिड़ियों की सीटी से चंबल की वादियां गूंज उठी हैं। अंडमान, निकोबार, मालदीव से आईं व्हिसलिंग टील चिड़ियों ने चंबल नदी किनारे डेरा डाल लिया है। घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन देखने के लिए आने वाले पर्यटक इस चिड़िया की आवास सुनकर प्रभावित हो रहे हैं। 

दिन में नदी किनारे की झाड़ियों में शांत रहने वाली व्हिसलिंग टील चिड़ियां चंबल में रात के समय भोजन की तलाश में निकलती है। मेढक आदि छोटे जीव और वनस्पतियां इनका भोजन है। शिकार के दौरान जलक्रीड़ा मंत्रमुग्ध कर देती है। इन चिड़ियों के सिर का ऊपरी हिस्सा गहरा भूरा, इसके गले के पास सफेद रंग, कंधे के पंख काले बदामी रंग के, चोंच नीले-भूरे रंग की होती है। 
विज्ञापन

2 of 5
चंबल किनारे व्हिसलिंग टील पक्षी - फोटो : अमर उजाला
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि बड़ी तादाद में व्हिसलिंग टील चिड़ियां चंबल की वादियों में पहुंची हैं। इनका प्रजनन जून से सितंबर तक होता है। इस दौरान मादा को आकर्षित करने के लिए नर पक्षी अपनी चोंच को पानी में नीचे-ऊपर करते हुए मादा के चारों ओर तैरता है। 
विज्ञापन

3 of 5
चंबल नदी में व्हिसलिंग टील पक्षी - फोटो : अमर उजाला
ये पक्षी अपना घोंसला कम ऊंचाई पर पेड़ों के खोखले हिस्से या पेड़ की दो-तीन बड़ी शाखाओं के मुहाने पर तिनकों आदि से बनाते हैं। मादा पक्षी 7 से 12 अंडे देती है। 22 से 24 दिन में अंडों से चूजे बाहर निकलते हैं। घोंसले के निर्माण में मादा पक्षी अपने ही मुलायम पंखों को उखाड़ कर बिछाती है, ताकि अंडों व चूजों को मुलायम जगह मिल सके। नर मादा चूजों को पीठ पर बिठाकर भोजन तक ले जाते हैं। 

4 of 5
चंबल किनारे पेंटेड स्टार्क पक्षी के झुंड - फोटो : अमर उजाला
इस बार चंबल की वादियों में हिमालय से विशेष मेहमान भी आ गया है। पेंटेड स्टार्क के झुंड चंबल के किनारे और शिकार करते देखे जा सकते हैं। घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को हिमालय से आया यह मेहमान अधिक रिझा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चंबल नदी किनारे पेंटेड स्टार्क - फोटो : अमर उजाला
इस बार चंबल की वादियों में हिमालय से विशेष मेहमान भी आ गया है। पेंटेड स्टार्क के झुंड चंबल के किनारे और शिकार करते देखे जा सकते हैं। घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को हिमालय से आया यह मेहमान अधिक रिझा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें