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तपती धूप में सड़क पर जिंदगियां, मां की गोदी में लाल, देखिए दिल छू लेने वाली तस्वीरें

Sat, 16 May 2020 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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घर पहुंचने की उम्मीद में तपती धूप में बच्चों को गोद में लिए प्रवासी श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
तपती दुपहरी, हाईवे पर सिर्फ प्रवासी मजदूर, रेला है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। कोई मजदूर कंधे पर बच्चे को बिठाए है तो कोई मां लाल को गोदी में लिए है। गृहस्थी का सामान भी सिर पर लिए हैं। एनए-2 पर सुबह से शाम तक हजारों लोग गुजर रहे हैं। ये सभी हरियाणा और राजस्थान से आ रहे हैं। किसी को बिहार जाना है तो किसी को पूर्वी उत्तर प्रदेश। मंजिल दूर है, वाहन है नहीं, मगर जज्बा है कि पैदल ही चले जा रहे हैं।
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घर पहुंचने के लिए निकले प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला
झज्जर में मजदूरी करते थे। फैक्टरी बंद हो गई। अब रोटी भी नहीं मिल रही थी। घर जा रहे हैं, वहां और कुछ न सही परिवार तो साथ होगा, रोटी तो मिल ही जाएगी - मनोज सिंह समस्तीपुर 
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घर पहुंचने की उम्मीद में प्रवासी श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
गुड़गांव में कारखाने बंद होने के बाद भी हम रुके रहे। प्रशासन ने भोजन का इंतजाम किया। अब यह नहीं मिल रहा। बच्चों को भूख से रोते देख नहीं पाए, सब लोग चले तो हम भी चल दिए .. प्रेमा देवी, बस्ती
 

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ट्रक पर जान जोखिम में डालकर जाने को मजबूर प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला
गांव में घर है, उसी में सब मिलकर रहेंगे। यह संकट का समय है। इसके गुजर जाने केबाद ही वापस आएंगे - बंशीराम, बस्ती
 
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पैदल जा रहे श्रमिकों को ट्रक में सवार कराता पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पत्नी बीमार हो गई, दवा तक नहीं मिली। अगर कुछ हो जाता तो परिवार वालों को क्या जवाब देते, इसलिए गांव जा रहे हैं, जो भी होगा देखा जाएगा, अपनो केबीच तो रहेंगे - संदीप कुमार, समस्तीपुर 
 
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आईएसबीटी पर घर पहुंचने के लिए पहुंचे श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
शहर में प्रवासी श्रमिकों को आईएसबीटी पर एकत्रित करने के बाद उन्हें जिले के हिसाब से लिस्ट बनाई जा रही है। इसके बाद श्रमिकों के खाने के लिए प्रशासन व पुलिस की ओर से इंतजाम किया जा रहा है। शुक्रवार को तकरीबन एक हजार श्रमिकों को 40 बसों से प्रदेश में विभिन्न जिलों में भेजा गया। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली की ओर से श्रमिकों के जत्थों का आगरा में पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दोपहर तक आईएसबीटी पर 600 से अधिक श्रमिक जमा हो गए। इसके बाद परिवहन निगम के कर्मचारियों ने मजदूरों की जिले के हिसाब से लिस्ट तैयार करवाई। थर्मल स्क्रीनिंग करवाई गई। इसके बाद उन्हें बलिया, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, कन्नौज, इटावा भेजा गया।
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रेलवे स्टेशन पर आने वाले श्रमिक अपने घर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हुए - फोटो : अमर उजाला
आगरा कैंट और आगरा फोर्ट स्टेशनों पर शुक्रवार को 1500 से अधिक श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से उतारा गया। तीन ट्रेनें आगरा कैंट और एक आगरा फोर्ट स्टेशन पर रोकी गई। दाहोद (गुजरात) से जौनपुर तक संचालित श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार की सुबह 5.38 बजे आगरा फोर्ट स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन से आगरा व आसपास के जिलों के 705 यात्रियों को उतारा गया। यात्रियों की खुशी का ठिकाना नहीं था, उनका कहना था कि 15 दिन से
अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, आखिरकार घर के पास पहुंच गए। दूसरी पुणे से गोरखपुर जा रही थी। आगरा कैंट स्टेशन पर सुबह 7.17 बजे रुकी। इस ट्रेन से 215 श्रमिकों को उतारा गया। तीसरी ट्रेन अहमदाबाद से आगरा कैंट 11.45 बजे पहुंची। इस ट्रेन से 249 यात्रियों को उतारा गया। चौथी ट्रेन भावनगर से वाराणसी  दोपहर साढ़े 12 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन से 305 श्रमिकों को आगरा कैंट पर उतारा गया। ये बाह, पिनाहट, सादाबाद, हाथरस, एटा और फिरोजाबाद के रहने वाले थे, जिन्हें बसों से भेजा गया। 
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