गंगानदी की रौद्रता बढ़ती ही जा रही है। नदी का पानी कई गांव की आबादी तक दस्तक दे रहा है। यदि इसी तरह पानी और बढ़ा तो तराई के ग्रामीणों की मुसीबतें बढना तय है। हरिद्वार और बिजनौर से छोड़े गए पानी ने आगामी समय में मीडियम फ्लड के संकेत दे दिए हैं। ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ रही हैं। टीमें निरंतर गंगा के किनारे निरीक्षण में जुटी हुई हैं।
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कासगंज सहावर के गांव किलौनी की आबादी तक पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर हो रही बरसात से बैराजों पर पानी का काफी दबाव बढ़ा हुआ है। यह पानी निरंतर गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। इन दिनों नदी में लो फ्लड के हालात हैं और सैंकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हैं। फसलों के बाद पानी अब कुछ गांव के किनारे तक दस्तक दे चुका है। जिससे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ रहीं हैं। उन्हें आशंका सता रही है कि यदि इसी तरह पानी की तीव्रता बढ़ती रही तो निश्चित ही पानी गांव की आबादी तक पहुंच जाएगा। जो मुसीबतें बढ़ाएगा।
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कासगंज कछला गंगाघाट पर जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर बैराज से पानी एक साथ छोड़ दिया गया है जो आने वाले समय में गंगानदी में मीडियम फ्लड के संकेत दे रहा है। यदि मीडियम फ्लड के हाल रहे तो निश्चित ही आबादी तक पानी पहुंच जाएगा। क्योंकि जब जब बाढ़ आई है और मीडियम फ्लड के हालात बने हैं तब तब कई गांव में पानी भरा है।
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गंगा में कछला पुल पर बढ़ा पानी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सहावर क्षेत्र के गांव किलौनी किसौल, कासगंज क्षेत्र के गांव लहरा, बघेला, पटियाली क्षेत्र के गांव गठौरा, रिकहरा, नगला टिकुरी, नगला मुंता सहित कई गांव के समीप तक पानी पहुंच चुका है।
कासगंज पटियाली के कादरगंज क्षेत्र में निरीक्षण को पहुंचे एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि राजस्व और सिंचाई विभाग के अफसर निरंतर गंगा नदी का निरीक्षण कर रहे हैं। कहीं भी कटान की स्थिति नहीं है, लेकिन कुछ खेतों में पानी बढ़ गया है। संबंधित लेखपाल को गांव में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभारी संजय शर्मा का कहना है कि पटियाली तहसील क्षेत्र के कादरगंज खाम सहित कुछ अन्य गांव के किनारों तक पानी पहुंच गया है। बैराजों से पानी छूटने के कारण अभी आगामी समय और पानी बढ़ेगा।