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UP: छात्रों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले राज, सीने में चोट लगने से गई जान... ठोड़ी और घुटनों पर भी चोट

Tue, 02 Dec 2025 03:44 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में हुए दर्दनाक हादसे में एमबीबीएस छात्रों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। उनकी पसलियां टूट गईं। पसलियों के घुसने से फेफड़े फट गए। माथे और शरीर पर भी गहरे जख्म आए।
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Road Accident In Agra - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा में हाईवे पर एमबीबीएस के छात्र सिद्ध और तनिष्क की माैत कैसे हुई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया। दोनों की पसलियां टूट गईं और फेफड़े भी फट गए थे। उनके शरीर से अत्यधिक खून भी बह गया।

हरीपर्वत थाना प्रभारी के मुताबिक, तनिष्क और सिद्ध के शरीर पर पांच जगह चोट के निशान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं। तनिष्क के माथे के बीच में चोट थी। उसका सिर टकराया था। हालांकि इससे माैत नहीं हो सकती। ठोढ़ी पर भी डिवाइडर से घिसटने से चोट लगी। उनकी बाईं तरफ छाती की कई पसलियां टूट गईं। पसलियां घुसने की वजह से फेफड़े फट गए। उनके दोनों पैर के घुटनों में भी सड़क पर घिसटने से चोट लगी। इसी तरह सिद्ध की कई पसलियों में फ्रैक्चर हुआ। उनकी भी ठोड़ी, घुटनों पर चोट लगी। माैत का कारण पसलियां टूटने के बाद फेफड़े में घुस जाने की वजह से अत्यधिक रक्त बहना है।
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Road Accident In Agra - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के देर से पहुंचने की जांच
सिद्ध के पिता राजेश अग्रवाल ने पुलिस के एक घंटे देरी से पहुंचने का आरोप लगाया था। कहा था कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो दोनों की जान बच जाती। मगर राहगीरों ने भी मदद नहीं की। सहपाठी छात्र पहुंचे, तब दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के देर से पहुंचने का मामला अधिकारियों के पास पहुंचा। इस पर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलने पर 5 मिनट बाद ही पुलिस पहुंच गई थी। इसके बाद छात्रों को अस्पताल ले जाया गया।
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Road Accident In Agra - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डिवाइडर से टकरा गई थी बाइक
रविवार शाम कमलानगर कर्मयोगी एंक्लेव के रहने वाले एसएन मेडिकल काॅलेज के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सिद्ध गर्ग और उनके सहपाठी हरदोई की आवास विकास काॅलोनी के तनिष्क गुप्ता की बाइक आईएसबीटी के निकट डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में दोनों की इलाज के लिए ले जाते समय मृत्यु हो गई थी। परिवार के निवेदन पर देर रात ही पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया था।

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road accident in agra - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव देख मची चीख-पुकार 
देर रात डेढ़ बजे जब सिद्ध का शव उनके निवास पर पहुंचा तो मां नीरू की शव को देखते ही चीख निकल गई। जवान बेटे का शव देखकर वह गश खाकर गिर पड़ीं। पानी की छींटे मारने पर जब होश आया तो बेटे के शव से लिपट कर बार-बार थोड़ी देर में आने की बोलकर जाने की बात कहने लगी। मां का हाल देखकर हर किसी की आंखों से आंसू निकल आए।
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परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कॉलोनी में किसी के घर में नहीं जला चूल्हा 
सुबह उनकी कालोनी में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। हर कोई सिद्ध के व्यवहार और उसकी पढ़ाई में रुचि के बारे में ही बात कर रहा था। सेामवार सुबह दस बजे जब अंतिम यात्रा निकली तो परिवार की महिलाओं और रिश्तेदारों के आंसू देखकर हर कोई गमगीन हो गया। सैकड़ों की भीड़ के साथ शव यात्रा ताजगंज पहुंची। छोटे भाई को मुखाग्नि देते समय बड़े भाई साॅफ्टवेयर इंजीनियर अक्षत गर्ग के हाथ कांपने लगे। चचेरे भाइयों ने उन्हें ढांढस बंधाकर अंतिम संस्कार करवाया।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खानदान में पहला डाॅक्टर बनने जा रहा था
पिता जनरेटर कारोबारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि बेटे पर उन्हें गर्व था। वह उनके पूरे परिवार में पहला डाॅक्टर बनने वाला था। उसके भोले भाले चेहरे और मृदुभाषा को हर कोई पसंद करता था। वह बेटे से हमेशा एक दोस्त की तरह ही बात करते थे। वह और उसके ग्रुप के सभी दोस्त अपनी हर बात उनसे साझा कर लेते थे।
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Road Accident In Agra - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10वीं और 12वीं में 95 प्रतिशत लाए और पहली बार में नीट किया क्वालीफाई
पिता राजेश अग्रवाल ने बताया कि सिद्ध पढ़ने में बहुत होशियार था। 10वीं में आने के बाद उसने हर परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। पहली बार में नीट क्वालीफाई करने पर आगरा में वैश्य समाज के लोगों ने बड़ा आयोजन कर बेटे का सम्मान किया था। उसे सरकारी सीट मिली थी। सभी रिश्तेदार और कालोनी में हर कोई बेटे को डाक्टर साहब कहकर बुलाता था। यह सुन कर हमारा भी सीना गर्व से चाैड़ा हो जाता था। बेटे के ऐसे छोड़कर जाने का गम अब जीवन भर साथ रहेगा।
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