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Janmashtami 2020: आधी रात को नंदगांव में जन्मे नंदलाल, ब्रज में छाया उल्लास, देखें जन्मोत्सव की तस्वीरें

Wed, 12 Aug 2020 12:10 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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रोशनी से नहाया नंदबाबा मंदिर - फोटो : अमर उजाला
मथुरा का नंदगांव जन्माष्टमी पर मंगलवार को बालकृष्ण के अवतरण की खुशी में डूबा रहा। कान्हा ने घर-घर में एक बार फिर अवतार लिया। नंदगांव की विशेष परंपरा के अनुसार पंचागों की कालगणना के उलट रक्षाबंधन के ठीक आठ दिन बाद यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया गया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे नंदगांव के गोस्वामियों ने नंदभवन में अष्टछाप के कवियों की वाणियों का गायन किया। समाज गायन का दौर तीन घंटे से अधिक चला।
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नंदबाबा मंदिर में भव्य सजावट - फोटो : अमर उजाला
शाम को बरसाना के समाजी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर नंदभवन पहुंचे। इसके बाद दोनों गांवों के गोस्वामीजनों के बीच संयुक्त समाज गायन का दौर चला। इस दौरान लाला के जन्म की बधाइयां गाई गईं। ‘जायौ जसोदा जलेबी सी रानी ने...’, ‘आज रबड़ी सी रात में लडुआ सौ लाला...’, ‘पूत सपूत जन्ये जसुदा, इतनौं सुनि कें वसुधा सब दौड़ीं...’ और ‘आजु बधायौ ब्रजराज के रानी जायौ मोहन पूत...’ आदि बधाई गीत गाए गए। 
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राधारानी के चरणों में नंदबाबा की प्रसादी छबरिया ले जाते गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
समाज गायन के बाद बरसाना से आए गोस्वामी समाज को उपहार स्वरूप बधाई का लड्डू भेंट किया गया। श्रीजी (राधा) के लिए छबरिया में लड्डू भिजवाए गए। रात 10 बजे मंदिर परिसर में ढांढ़ पुरोहित द्वारा नंदबाबा की वंशावली का बखान किया गया। मध्यरात्रि को मंदिर के गर्भ गृह में गोस्वामियों ने पंचामृत से लाला के श्रीविग्रह का गुप्त अभिषेक किया गया। लॉकडाउन के चलते सभी पारंपरिक कार्यक्रमों की आपैचारिकता पूरी की गई। 

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भव्य रूप से सजाया गया नंदभवन - फोटो : अमर उजाला
ढांढ़िनियां मचल रही मोह नंद घर लै चलौ...
कान्हा के जन्म की सुन गोवर्धन से आए ढांढ़ी-ढांढ़िन ने नंदबाबा के भवन में पहुंचकर उनकी वंशावली से जुडे़ पदों को सुनाया। इस दौरान लाला की बधाई गाते हुए ढांढ़िन नंदभवन में मचल जाती है और लाला होने की खुशी में नंदबाबा से नेग मांगती हैं। 

मैया यशोदा के सिर पर बंधी प्रसूता की भांति पट्टी
नंदबाबा मंदिर में अभिषेक के दर्शन नहीं कराए जाते हैं। कृष्ण-बलराम का शृंगार कर मां यशोदा के सिर पर प्रसूता की भांति पट्टी बांध दी जाती है। यहां अभिषेक के दर्शन नहीं होते। दर्शनों का सौभाग्य सेवायतों को ही प्राप्त होता है। शयन के समय नव प्रसूता के लिए औषधिप्रद वस्तुओं का भोग लगाया जाता है। जन्म के बाद कन्हैया ने कटि काछनी में नजर आए। 
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नंदबाबा मंदिर, नंदगांव - फोटो : अमर उजाला
नंदभवन में होगा आज नंदोत्सव
नंदगांव बरसाना के गोपों के बीच बुधवार को संयुक्त समाज गायन होगा। दोनों जगहों के गोपों के बीच हास-परिहास, प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध, दधि कांधौ, बांस बधाई, शंकर लीला आदि करेंगे। 

नंदभवन में जन्म से पूर्व हुए परंपरागत कार्यक्रम
मंगलवार रात 10 बजे ढांढ़ी ढांढ़िन लीला का मंचन किया गया। नंदबाबा के पुरोहित ने नंदबाबा की वंशावली का बखान किया। करीब साढ़े 11 बजे भगवान कृष्ण का गो दुग्ध, गो घृत, दही, शहद, खांड़ से गोस्वामी समाज के गुरु द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ अभिषेक किया गया। मध्यरात्रि को 12 बजे नटखट नंदलाल ने अवतार लिया। 
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नंदबाबा मंदिर, नंदगांव - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण-बलराम को बंधेगी राखी 
श्री कृष्ण और बलराम को सेवायतों द्वारा बुधवार को राखी बांधी जाएंगी। इस दौरान जो बहनें रक्षाबंधन पर अपने भाइयों की कलाई में राखी न बांध सकीं, वो भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी।
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