मथुरा में एक किसान ने तीन बच्चों और पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद खुद ने भी जान दे दी। हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी कि मनीष ने ऐसा क्यों किया? घटना के बाद हर आंख नम है। चेहरा स्तब्ध और गांव में मातम पसरा है। अधिकारियों और रिश्तेदारों का दिनभर तांता लगा रहा।
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mathura murder and suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किसान ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने के बाद करंट लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना से हर कोई हैरान है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो कोहराम मच गया।
दरअसल, गांव खप्परपुर में सोमवार सुबह खुशियों और चहल-पहल की जगह चीख-पुकार ने ले ली। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घर के भीतर का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल था, मनीष ने आखिर ऐसा क्यों किया। दिनभर गांव में अधिकारियों व रिश्तेदारों का तांता लगा रहा।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिनभर गांव की गलियों में लोगों की भीड़ जुटी रही। हर नुक्कड़ पर बस एक ही चर्चा थी कि मनीष एक सुलझा हुआ और शांत स्वभाव का व्यक्ति था, उसने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया?। रिश्तेदार और पड़ोसियों का कहना है कि परिवार में कोई बड़ा विवाद नहीं देखा गया।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद जांच के लिए पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनीष के इस कदम ने पीछे कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। क्या मनीष मानसिक तनाव में था या किसी परेशानी के बोझ तले दबकर यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद गमगीन परिजन और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इधर, दिनभर गांव में पुलिस और अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। जैसे-जैसे खबर फैली, दूर-दराज के इलाकों से रिश्तेदारों का हुजूम उमड़ पड़ा। घर के बाहर बिलखते परिजन को ढांढस बंधाने वाला कोई नहीं था, हर आंख नम थी और हर चेहरा स्तब्ध हो गया।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में किसान ने सुसाइड नोट छोड़ पत्नी, तीन बच्चों की हत्या कर दी जान
मथुरा के महावन तहसील के गांव खप्परपुर में दिल दहलाने वाली घटना हुई। किसान ने अपने तीन मासूम बच्चों और पत्नी की हत्या करने के बाद खुद को करंट लगाकर खुदकुशी कर ली। दीवार पर सुसाइड नोट लिखा मिला है, हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं, किसी को परेशान नहीं किया जाए।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद शवों को लेकर जाते हुए, विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना से पहले डायरी और वीडियो में भी सुसाइड नोट मिला है। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी शैलेष पांडेय, डीएम, एसएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। घटना के पीछे मानसिक अवसाद सहित अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद शवों को लेकर जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनीष की 8 साल पहले सीमा से हुई शादी
खप्परपुर गांव में अनुसूचित जाति के दिवंगत किसान रामकिशन के तीन बेटों में मंझले बेटे मनीष (35) अपनी पत्नी सीमा (30), तीन बच्चों प्रियांशी (6), हनी (5) और ढाई साल के प्रतीक के साथ गांव में ही रहते थे। मनीष की 8 साल पहले हाथरस के गांव मढ़नई निवासी सीमा से शादी हुई थी।
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मथुरा में हत्या और सुसाइड के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनीष और दोनों भाई सुधीर व बंटी उर्फ जयकिशन के घर भी आसपास हैं। मां श्यामवती (70) दूसरे भाइयों के साथ रहती हैं। तीनों भाई अलग-अलग खेतीबाड़ी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे तक मनीष के बच्चे घर के बाहर दिखाई नहीं दिए।
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किसान मनीष और सीमा की फाइल फोटो और सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेड पर पड़े थे तीन शव
इस पर बड़े भाई सुधीर ने मनीष के घर का दरवाजा खटखटाया मगर काफी देर तक जवाब नहीं मिला। दीवार फांदकर अंदर घुसे, अनहोनी की आशंका पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़कर देखा तो मनीष का शव जमीन पर पड़ा था, जबकि सीमा, हनी और बेटे के शव डबल बेड पर पड़े थे।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेड पर ही मिला लोहे का मूसल
प्रियांशी का शव चारपाई पर था। यह देखकर चीखपुकार मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। बेड पर ही पुलिस को लोहे का मूसल मिला। पास में रस्सी पड़ी थी।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं'
कमरे की दीवार पर लिखा मिला कि ‘हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं, किसी को परेशान नहीं किया जाए।’ इसी तरह पॉकेट डायरी के पन्नों पर लिखा था कि ‘मैं मनीष और सीमा अपनी मर्जी से मरे हैं। पुलिस किसी को परेशान नहीं करे-मनीष।’ दूसरे पन्ने पर लिखा था ‘सतीश विरामपुर वाले पर प्लॉट के पैसे हैं उसके जीजा लक्ष्मण प्रसाद (गोवर्धन) वाले पर। 126000 आए, 7 लाख और हैं।’ इसी तरह डायरी में भी तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है।
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जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ में बिजली का तार लेकर की खुदकुशी
मनीष ने घटना से पहले वीडियो भी बनाया है, इसमें भी उन्होंने अपनी मर्जी से जान देने की बात कही हैं। हम अपने दुखों से दुखी हैं। किसी को परेशान नहीं किया जाए। एसएसपी ने बताया कि मनीष ने पत्नी की गला दबाकर और मूसल से प्रहार करके और बच्चों का गला दबाकर हत्या की हैं। फिर हाथ में बिजली का तार लेकर खुदकुशी की है।
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किसान मनीष और सीमा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रथम दृष्टया घटना के पीछे मानसिक अवसाद का कारण प्रतीत हो रहा है। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि घटना के पीछे तंत्र-मंत्र, पारिवारिक विवाद सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक तंगी का मामला इसलिए नहीं है, क्योंकि उन्होंने हाल में प्लॉट बेचा था, जबकि सीमा के खाते में भी रकम जमा है। जांच में भी आर्थिक तंगी का कारण सामने नहीं आया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। देर शाम सभी के शवों का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया। शव परिजन को सौंप दिए गए।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव देखकर बोलीं एडीजी बहुत बुरा हुआ
खप्परपुर में हुई हृदय विदारक घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बेहद गंभीर हैं। सभी शवों के पोस्टमार्टम गृह पर आने के बाद पहुंचीं एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने भी शवों को देखने की इच्छा जाहिर की। पोस्टमार्टम गृह के कर्मचारियों ने सभी के एक-एक कर शवों के चेहरों को दिखाए। शवों को देख एडीजी की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने देखकर कहा कि बहुत बुरा हुआ।
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एंबुलेंस से शवों को लेकर जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिलाधिकारी और एसएसपी भी पहुंचे पोस्टमार्टम गृह
आगरा से आए मंडलायुक्त और एडीजी के आने के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए। एडीजी के द्वारा पूछे गए सवालों के भी एक जबाव दिए। सभी ने खप्परपुर से आए लोगों को लोगों से बातचीत की। कई पहलुओं पर परिवार के बारे में पूछा। बच्चों की पढ़ाई, किसी से कोई दुश्मनी, कोई लेन देन का प्रकरण आदि बिंदुओं पर बात की।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कागजी दस्तावेजों ने कराई देर
देर शाम तक पोस्टमार्टम गृह पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का आना लगा रहा है। पंचनामा के दस्तावेज तैयार कराने में काफी समय लग गया। महावन थाना प्रभारी मौके पर अंत तक रुके रहे। जब चिकित्सक ने दस्तावेजों को देखा तो पैनल और वीडियोग्राफी की बात कही। इसके बाद फिर से पुलिस कर्मियों को अनुमति के लिए भेजा और जाकर कहीं कार्रवाई शुरू हुई।
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घटना के बाद छतों पर भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर शाम तक डटे रहे अधिकारी
शाम 5.30 बजे तक एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत, एएसपी आसाना चौधरी और महावन तहसीलदार अमित त्रिपाठी डटे रहे। तीनों ही बार बार चिकित्सीय कार्यवाही में सहयोग करते रहे। अधिकारियों के आपसी सामंजस्य के चलते ग्रामीणों को भरोसे में लिया। पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी संवेदना जताई।
पहले की कर ली गई अंतिम संस्कार की व्यवस्था
सभी शवों का देर रात में अंतिम संस्कार करने की योजना तैयार की गई। पुलिस ने अन्य ग्रामीणों के साथ संपर्क साधकर अंतिम संस्कार स्थल पर में हाईमास्क लाइटों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। खप्परपुर गांव के निकट यमुना पर बने बरेली हाईवे के पुल के नीचे बच्चों के लिए गड्डे खोदकर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दोनों दंपती का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया।