वृंदावन के गौरानगर में रविवार को तड़के जगदीश मूर्ति वाले के मकान में शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। इससे पहली मंजिल में लगी आग का धुआं दूसरी मंजिल के कमरे में भर गया। इस दौरान एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, पांच बच्चों समेत नौ लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई।
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मकान में लगी आग को बुझाने का प्रयत्न करता व्यक्ति
- फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने समय रहते किसी तरह दीवार तोड़कर और खिड़कियों के सहारे उन्हें बाहर निकाला। साथ ही सौ शय्या हास्पिटल में भर्ती कराया। मौके पर एक घंटे देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।
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मकान में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली वृंदावन के गौरानगर में जगदीश प्रसाद मूर्ति वाले का मकान है। इस मकान में पहली मंजिल पर जगदीश का बेटा श्याम सोया हुआ था, वहीं पूरा परिवार दूसरी मंजिल के कमरे में सो रहा था। रविवार की तड़के तीन बजे शॉर्ट सर्किट से पहली मंजिल के कमरे में आग लग गई। आग की लपटें बढ़ी तो श्याम जगा तो शोर मचा दिया।
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मकान में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
आग के धुएं ने दूसरी मंजिल के कमरे में एकत्रित होने लगा। कमरे में सो रहे लोगों को दम घुटने लगा और पूरे कमरे में केवल धुआं ही धुआं हो गया। शोर सुनकर परिजन भी आ गए। आग को बढ़ता देख सबमर्सिबल के पानी और बाल्टियों से आग बुझाने लगे।
मौके पर पहुंची वृंदावन पुलिस ने कमरे की दीवार तोड़कर और खिड़कियों के माध्यम से फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सौ शय्या हास्पिटल में भर्ती कराया। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि दम घुटने से रेखा (32) पत्नी सोनू की मौत हो गई, जबकि पिंकी (28), ज्योति (30), सोनू (32), कन्हैया (34), मोहित (5), वंशिका (3), देव (4), खुशी (5) और हनुमान के 15 दिन के बेटे की धुएं से दम घुटने से तबीयत बिगड़ी है। फिलहाल पिंकी, ज्योति और वंशिका नयति अस्पताल में भर्ती हैं और बाकी सभी को घर भेज दिया गया। ज्योति, कन्हैया और सोनू के हाथ-पैर झुलसे हैं।