फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुड़िया मेलाः गिरिराज के भक्तों सा कोई नहीं, देखिए आस्था का सैलाब

Sat, 08 Jul 2017 09:56 PM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला गोवर्धन (मथुरा)
विज्ञापन
1 of 5
मुड़िया मेला - फोटो : अमर उजाला
21 किलोमीटर का परिक्रमा मार्ग परिक्रमार्थियों से पूरा भरा हुआ था। हर तरफ आस्था का समुंदर ही नजर आ रहा था। गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर उमड़ी भक्तों की भीड़ ने गोवर्धन को जाने वाले सभी रास्ते जाम कर दिए। रोडवेज की बसें भी जगह-जगह फंस गईं। गिरिराज के भक्त दस किलोमीटर पैदल चलकर गोवर्धन तक पहुंचे थे। इनमें मध्यप्रदेश और राजस्थान से आए परिक्रमार्थियों की बड़ी संख्या रही।
विज्ञापन

2 of 5
मुड़िया मेला - फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला 4 जुलाई से शुरू हुआ था। हालांकि पहले ही दिन से भक्तों की भारी भीड़ पहुंची थी लेकिन गुरु पूर्णिमा से एक दिन पहले तो सारे ही रिकार्ड टूट गए। रोडवेज ने 1500 बसें लगाईं थीं लेकिन भाव और भक्ति के सैलाब में यह भी कम पड़ गईं। शनिवार को तो सुबह से ही गोवर्धन की तरफ गिरिराज के भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी थी। 
विज्ञापन

3 of 5
मुड़िया मेला - फोटो : अमर उजाला
चाहें राजस्थान का अलवर-मथुरा मार्ग हो या फिर मथुरा के गोवर्धन-मथुरा मार्ग, छाता- गोवर्धन और कोसी-बरसाना-गोवर्धन मार्ग। सारे रास्ते शाम होते-होते फुल हो गए थे। मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर तो अडींग के पास ही बसें फंस गईं थीं। लोग यहां से पैदल ही गोवर्धन तक पहुंचे। राजस्थान से आने वाले लोग भी अलवर मार्ग पर लगे जाम के कारण काफी दूर पैदल चलकर पहुंचे। 

4 of 5
मुड़िया मेला - फोटो : अमर उजाला
हर तरफ राधा-कृष्ण के जयकारे गूंज रहे थे। भक्ति के रंग में रंगा हुआ था हर कोई। भीषण गर्मी में भी इक्कीस किलोमीटर की परिक्रमा इन्हें विचलित नहीं कर पा रही थी। यूं तो गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार तक से गिरिराज के भक्त आए थे लेकिन सबसे बड़ी संख्या राजस्थान और मध्यप्रदेश से आने वाले गिरिराज भक्तों की रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मुड़िया मेला - फोटो : अमर उजाला
एडीएम प्रशासन और मेला प्रभारी अजय अवस्थी ने बताया कि पूर्व संध्या पर भारी भीड़ पहुंची। प्रशासन ने जो शासन को रिपोर्ट भेजी है उसके मुताबिक अभी तक पचास लाख से अधिक लोग परिक्रमा लगा चुके हैं। अफसरों का मानना है कि रविवार की दोपहर तक परिक्रमार्थियों की संख्या कम हो जाएगी। क्योंकि अधिकांश लोग शनिवार की रात को अपनी परिक्रमा पूरी कर लेंगे।    
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें