जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में 23 दिसंबर को शहीद हुए सैनिक सौरभ कटारा की अस्थियां उनके परिजनों ने हरि की पैड़ी में विसर्जित की। हरि की पैड़ी के वराह घाट पर तीर्थपुरोहित बिहारीलाल भारद्वाज ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विधि विधान पूर्वक अस्थि विसर्जन कराया।
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गंगा में अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के भरतपुर के रूपवास के ग्राम बरौली ब्राह्मण निवासी सेना में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त नरेश कटारा के दूसरे नंबर के पुत्र सौरभ कटारा तीन वर्ष पूर्व सेना में चालक के पद पर भर्ती हुए थे। इसी आठ दिसंबर को उनकी शादी मथुरा के जाजमपट्टी रसूलपुर निवासी उदयराम शर्मा की पुत्री पूनम के साथ हुई थी।
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सोरोंजी के घाट पर शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विगत 15 दिसंबर को उन्होंने कुपवाड़ा में अपनी ड्यूटी ज्वाइन की थी। दिसम्बर 23 की शाम आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 24 दिसंबर वह शहीद हुए।
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सोरोंजी के घाट पर शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
26 दिसंबर को उनके पैतृक गांव में छोटे भाई अनूप ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। सोमवार को उनका अस्थि कलश लेकर शहीद की पत्नी पूनम देवी, भाई अनूप, चाचा लक्ष्मण प्रसाद, बुआ कृष्णादेवी आई। शादी के महज 15 दिन बाद ही शहीद हो गए सौरभ की पत्नी पूनम देवी का वराह घाट पर करुण क्रंदन सुन लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस दौरान भाजपा सभासद अमित अनाड़ी, सभासद मुकेश कटारे, कन्हैयालाल भारद्वाज, निर्मल तिवारी आदि ने वराह घाट पहुंचकर शहीद सौरभ कटारा को अपनी श्रद्धांजलि दी।