फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

Fri, 07 Dec 2018 01:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
विज्ञापन
1 of 6
शहीद राजेश कुमार के पिता नेमसिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में सरहद पर शहीद हुए एटा जिले के वीर जवान राजेश कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम तक नहीं पहुंचा। अब शनिवार को पार्थिव शरीर गांव रेजुआ लाया जाएगा। राजेश कुमार अपने परिवार में इकलौते बेटे थे। परिवार को उनकी शहादत पर गर्व है तो उन्हें खोने का गम भी। इकलौते बेटे की शहादत पर पिता ने कहा कि बहादुर बेटे ने मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। 
विज्ञापन

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

2 of 6
शहीद जवान राजेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
थाना जलेसर के गांव रेजुआ निवासी शहीद राजेश कुमार उर्फ बॉबी के पिता नेमसिंह थाना सकरोली में होमगार्ड हैं। इनके पांच बच्चे थे। इनमें बेबी और पप्पी दो बड़ी बेटी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। जबकि दो बेटी विनीता और नीलम, शहीद राजेश उर्फ बॉबी से छोटी हैं, जिनकी शादी अभी नहीं हुई है। पिता ने बताया कि राजेश कुमार उर्फ बॉबी 2013 में सेना में भर्ती हुए थे। 
विज्ञापन

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

3 of 6
शहीद राजेश कुमार के गांव में एकत्र लोग - फोटो : अमर उजाला
इकलौते बेटे की शहादत पर पिता नेमसिंह को गर्व है। उन्होंने कहा कि देश रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर बहादुर बेटे राजेश ने मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। भगवान ने मुझे पांच बच्चों में एक ही बेटा दिया था। अगर मेरा दूसरा बेटा भी होता तो मैं उसे भी सेना में भेजने से पीछे नहीं हटता। बेटे को जाने का गम तो है। मगर गर्व इस बात का है कि वो दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुआ है। यह कहकर नेमसिंह की आंखों से गर्व के आंसू छलक पड़े।

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

4 of 6
शहीद राजेश कुमार की मां - फोटो : अमर उजाला
नेमसिंह ने बताया कि घर में खुशी का माहौल था। राजेश की पत्नी छह महीने की गर्भवती है। मार्च में उसका डिलीवरी होनी है। उसी दौरान राजेश के घर आने का कार्यक्रम बन रहा था। लेकिन भगवान को कुछ और भी मंजूर था। वहीं जब से बेटे की शहीद होने की खबर आई है, तब से बूढ़ी मां रो रोकर बेसुध हो रही हैं। जैसे ही होश आता है, बिलख पड़ती हैं। कहती हैं कि मेरा वीर सपूत जरूर आएगा...। परिजन किसी तरह उन्हें संभाल रहे हैं। 
विज्ञापन

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

5 of 6
शहीद राजेश कुमार की पत्नी रीना - फोटो : अमर उजाला
सेना के जवान राजेश कुमार की शादी 2016 में रीना से हुई थी। पत्नी रीना छह महीने की गर्भवती हैं। लेकिन बच्चे के जन्म से पहले उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। रीना को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उसके पति अब इस दुनिया में नहीं है। रोते हुए रीना कहती हैं कि वो वादा करके गए हैं, अगले वर्ष जरूर आएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व से बोले पिता- एक और बेटा होता तो भेज देता फौज में

6 of 6
शहीद की बहनें नीलम और विनीता - फोटो : अमर उजाला
नेमसिंह ने बताया कि राजेश घर की हर जिम्मेदारी को संभालता था। उसे दोनों छोटी बहनों की शादी की भी चिंता थी। अप्रैल 2018 को घर से जाने के बाद जब भी फोन पर बात करता। तभी दोनों बहनों की शादी के लिए लड़के देखने की बात करता था। अंत में खुद ही बोलता था कि मार्च में जब मैं घर आऊंगा। तभी लड़के देखूंगा।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें