रक्त बनाया नहीं जा सकता। यह दान से ही मिलना संभव है। रक्तदान से हम किसी को सीधे जीवनदान देते हैं। इसलिए इसे महादान कहा जाता है। यह कहना है मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव का। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद और एटा-कासगंज में रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में सुबह से ही लोग पहुंचने लगे और दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान किया।
आगरा के अमर उजाला कार्यालय में लगे शिविर ने किसी ने 50वीं बार रक्तदान किया तो किसी ने 25वीं बार। रक्तदान करने महादानी बने लोगों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशिस्त पत्र देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं ने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। इससे दूसरों की जान तो बचती ही है, रक्तदान करने वाला भी स्वस्थ रहता है।