आगरा में कोरोनावायरस के संक्रमित मरीज मिलने के बाद से मास्क और सेनिटाइजर की मांग बहुत बढ़ गई है। मांग के अनुरूप बाजार में ये उपलब्ध नहीं हैं। आप घर पर भी सेनिटाइजर आसानी से तैयार कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है। अगली स्लाइड्स में जानिए सेनिटाइजर बनाने की विधि...
विज्ञापन
2 of 6
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजीत कुमार
- फोटो : Amar Ujala
दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) के रसायन विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजीत कुमार के मुताबिक दो तिहाई आइसोप्रोपिल रबिंग अल्कोहल और एक तिहाई एलोवेरा जेल को साफ बर्तन में डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
विज्ञापन
3 of 6
sanitizer
रबिंग अल्कोहल न मिल रहा हो तो शुद्ध आइसोप्रोपिल अल्कोहल भी ले सकते हैं, फिर इसमें एक चौथाई डिस्टिल्ड वॉटर (आसुत जल) डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसे छान लें। छाना हुआ तरल सेनिटाइजर के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
4 of 6
लौंग
यदि सेनिटाइजर खुशबू वाला बनाना है तो छानने से पहले अपनी पसंद के अनुसार एक चुटकी लौंग पाउडर या दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिला लें। घर में बना सेनिटाइजर सस्ता होने के साथ सुरक्षित भी होगा। दो-चार बूंद हाथ पर डालें और हाथ की दोनों सतहों को सूख जाने तक रगड़ें।
विज्ञापन
5 of 6
सेनिटाइजर
- फोटो : Amar Ujala
डॉ. रंजीत कुमार के मुताबिक सेनिटाइजर का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने पर शरीर पर बुरा प्रभाव भी पड़ता है। सेनिटाइजर त्वचा की सतह से खून तक पहुंचकर मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
बाजार में उपलब्ध सेनिटाइजर में अगर कोई केमिकल है तो उसके अलग-अलग दुष्प्रभाव पड़ते हैं। त्वचा में खुजली और जलन पैदा हो सकती है। सेंटेड सेनिटाइजर के अत्यधिक इस्तेमाल से लीवर, किडनी, फेफड़े पर बुरा प्रभाव पड़ता है।