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Mainpuri News: सलाखों के पीछे बंदी सीख रहे अक्षरों का ककहरा, दिया जा रहा अक्षर ज्ञान

Wed, 03 Aug 2022 03:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह पंकज मिश्र, मैनपुरी
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मैनपुरी जिला जेल - फोटो : ANI
अभिषेक बच्चन और यामी गौतम की इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'दसवीं' तो देखी ही होगी। इसी फिल्म की तर्ज पर मैनपुरी जिला जेल के बंदियों में साक्षर होने की ललक बढ़ी है। जेल में ही निरक्षर बंदियों को बंदी शिक्षामित्रों द्वारा अक्षर ज्ञान देकर उनको साक्षर बनाया जा रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जेल अधीक्षक द्वारा शुरू की गई पहल धीरे-धीरे निरक्षर बंदियों को साक्षरता के लिए प्रेरित कर रही है।

इन्हें दी गई जिम्मेदारी

जेल में निरक्षर बंदियों को साक्षर करने के लिए बंदी शिक्षामित्र बनाए गए हैं। शिक्षित बंदियों को बंदी शिक्षामित्र बनाकर निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। बंदी शिक्षामित्र जेल की बैरकों के बाहर खुले में निरक्षर 109 बंदियों को कक्षाएं लगाकर पढ़ा रहे हैं। अक्षर ज्ञान के लिए हर कक्षा में एक ब्लैक बोर्ड बनाया गया है। निरक्षर बंदियों की कक्षाओं का जेल अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। 
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पढ़ाई करते बंदी - फोटो : अमर उजाला

दिख रहा उत्साह 

जेल का निरीक्षण करने वाले प्रशासनिक तथा न्यायिक अधिकारी जेल अधीक्षक द्वारा शुरू की गई पहल को व्यापक बनाने के लिए सलाह दे चुके हैं। निरक्षर बंदियों में पढ़ने के लिए दिन पर दिन उत्साह बढ़ता जा रहा है। 
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पढ़ाई करते बंदी - फोटो : ANI

पांच कक्षाओं में दे रहे शिक्षा

बंदी शिक्षामित्र पांच कक्षाएं लगाकर निरक्षर बंदियों को शिक्षा दे रहे हैं। बंदी शिक्षामित्र सत्यभान बैरक नंबर नौ-ए, नौ-बी, वीरेंद्र कुमार सिंह बैरक आठ-ए, आठ-बी, रामगोपाल 11-ए, 11-बी, 12-ए, 12-बी, 13-ए, 13-बी, राकेश कुमार सात-ए, सात-बी, मोहित बैरक नंबर एक और दो के निरक्षर बंदियों को पढ़ा रहे हैं। सत्यभान की कक्षा में 13, वीरेंद्र कुमार सिंह की कक्षा में 14, रामगोपाल की कक्षा में 61, राकेश कुमार की कक्षा में आठ, मोहित की कक्षा में 14 निरक्षर बंदियों को अक्षर ज्ञान दिया जा रहा है। 

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मैनपुरी जिला जेल - फोटो : अमर उजाला

महिलाओं को पढ़ा रही पिंकी

महिला बैरक में हत्या के आरोप में बंद पिंकी निरक्षर महिला बंदियों को नियमित रूप से कक्षा लगाकर पढ़ा रही हैं। उनकी कक्षा में सात निरक्षर महिला बंदी अक्षर ज्ञान ले रही हैं। पिंकी की कक्षा में समय से महिला बंदी पढने के लिए पहुंच जाती हैं। निरक्षर बंदियों के लिए पठन और लेखन सामिग्री जेल प्रशासन ने उपलब्ध कराई है। 
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जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी - फोटो : ANI

सामान्य ज्ञान की भी दी जा रही जानाकरी

जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि जेल को सुधार गृह बनाकर शिक्षित बंदियों का चयन करके उनको बंदी शिक्षा मित्र की जिम्मेदारी दी गई है। बंदियों के बीच रचनात्मक सोच बढ़ाने के लिए उनको आगे बढ़ाया गया है। निरक्षर बंदियों के बीच शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। निरक्षर बंदियों को अक्षर ज्ञान के साथ ही सामान्य ज्ञान की भी जानाकरी दी जा रही है।
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