सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पहली बार अपनी कर्मभूमि मैनपुरी में केवल अपने लिए ही वोट मांगे। अपने संबोधन में उन्होंने न तो पार्टी के घोषणा पत्र की बात की और न ही पार्टी की नीतियों पर बोले।
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मंच पर आते मुलायम
- फोटो : अमर उजाला
इस बार जब मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा सीट के लिए सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया तो नामांकन करने के बाद वह सीधे सैफई चले गए। नामांकन के बाद हुई सभा को संबोधित नहीं किया। उसके बाद से जिले की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
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मंच पर सपा बसपा गठबंधन के नेता
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव ने बसपा सुप्रीमो के साथ मंच भी साझा किया। आठ मिनट केवल मंच से भाषण दिया। पहली बार ऐसा हुआ जब मुलायम सिंह ने सपा के घोषणा पत्र का जिक्र तक नहीं किया।
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मायावती के साथ मुलायम
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी की रैली में मायावती संग मंच साझा करते हुए मुलायम सिंह यादव ने अपने ही अंदाज में उनका स्वागत किया। दोनों हाथों को जोड़कर मुलायम ने मायावती से बात की। इस पर मायावती के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
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रैली में सपा बसपा गठबंधन नेता
- फोटो : अमर उजाला
सपा की नीतियों पर भी वह कुछ नहीं बोले। मतदाताओं को अपने से जोड़ते हुए कहा जनता की मांग पर वह चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने एक नहीं तीन बार जनता से चुनाव जिताने की हामी भरवाई।
बता दें कि मैनपुरी में मुलायम सिंह अब तक नहीं हारे हैं और यहां कभी भी बसपा को जीत नहीं मिली है। मैनपुरी सीट 2014 में जीतने के बाद मुलायम सिंह ने छोड़ी थी। इसके बाद यहां उपचुनाव हुआ था जिसमें तेजप्रताप ने जीत हासिल की थी।