आगरा में लॉकडाउन के बीच एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को उनकी शव यात्रा में शामिल होने के लिए आए लोगों को मृतक के पुत्र ने यह कहकर लौटा दिया कि लॉकडाउन है...। आप सब घरों में रहकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कीजिए। इसके बाद परिवार के 10 लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के लोग
- फोटो : अमर उजाला
मामला शाहगंज क्षेत्र के भोगीपुरा का है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय प्रभाकर लोधी कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बुधवार रात उनकी मौत हो गई। जानकारी होने पर आसपड़ोस के लोग मृतक के परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच गए। मृतक के बेटे ने लॉकडाउन का हवाला देकर पड़ोसियों को अपने-अपने घर जाने को कह दिया।
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शव यात्रा में शामिल लोग
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के 10 लोगों के साथ मिलकर प्रभाकर लोधी की शव यात्रा निकाली। शव यात्रा में शामिल ज्यादातर लोग मास्क लगाकर शामिल हुए थे। मृतक के बेटे ने भी मास्क लगा रखा था। ताजगंज के शमशान घाट पर मुकेश ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। साथ ही लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
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अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के लोग
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के बेटे मुकेश कुमार ने बताया कि पिता के निधन की जानकारी होने पर रिश्तेदार और उनके शुभचिंतक आए थे। लेकिन हमारा आज कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सामाजिक दूरी की अपील को ध्यान में रखते हुए सभी को घर जाने को कह दिया।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में लोगों के घरों से निकलने के साथ शादी व अन्य समारोह के आयोजनों पर भी प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर अपने और दूसरों के लिए खतरा बन रहे हैं। ऐसे लोगों को मुकेश से सीखना चाहिए।