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कभी मंदिरों के बाहर भीख मांगती थी लक्ष्मी, ऐसे मनाई आजादी की सातवीं वर्षगांठ, देखें तस्वीरें

Wed, 29 Jul 2020 06:42 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

मंदिरों के बाहर भीख मंगाते थे मालिक
 
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लक्ष्मी हथिनी - फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
लक्ष्मी हथिनी को मालिक द्वारा अस्वस्थ्य खाना देकर मुलुंड, महाराष्ट्र में मंदिरों के बाहर भीख मंगाई जाती थी। महज 18 साल की छोटी उम्र में ही वह मोटापे और गठिया रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थी। वर्ष 2013 में, वाइल्डलाइफ एसओएस ने लक्ष्मी को रेस्क्यू कर इस क्रूरता भरी ज़िन्दगी से मुक्त कराया और उसे मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में एक स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए ले आए। 
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लक्ष्मी की आजादी की वर्षगांठ मनाते हाथी - फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
बुधवार को उसकी सातवीं वर्षगांठ मनाने के लिए, एनजीओ के पशु चिकित्सकों और हाथियों की देखभाल के लिए मौजूद कर्मचारियों ने लक्ष्मी और उसके दोस्तों के लिए एक 'जंबो दावत' रखी!

 
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हथिनी लक्ष्मी - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में रेस्क्यू से पहले लक्ष्मी, मुंबई के हलचल भरे शहर में एक भीख मांगने वाली हथिनी थी। वह मंदिरों के बहार खड़ी रहती और लोग उसे गणेश का अवतार मानते हुए मीठा प्रसाद या तला हुआ भोजन खिलाते थे। लक्ष्मी एक ही दिन में करीब 200 वड़ापाव खाती थी और यह अस्वस्थ और अप्राकृतिक आहार बहुत ही कम उम्र में उसके मोटापे, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कटे-फटे पैरों के तलवे जैसे अन्य स्वास्थ्य मुद्दों का कारण बन गया।

 

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हाथी संरक्षण केंद्र में हाथी - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में वाइल्डलाइफ एसओएस ने मुंबई पुलिस और राज्य के वन विभाग के सहयोग से लक्ष्मी को रेस्क्यू किया था। इसके बाद मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में विशेष उपचार और देखभाल के लिए लेकर आए।

 
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हाथी संरक्षण केंद्र में हाथी - फोटो : अमर उजाला
लक्ष्मी की सातवीं वर्षगांठ मनाने के लिए केंद्र में पशु चिकित्सकों और हाथियों की देखभाल में लगे कर्मचारियों ने लक्ष्मी और उसके दोस्तों के लिए एक विशेष दावत का आयोजन किया। लक्ष्मी अपनी साथी बिजली और चंचल के साथ जब सुबह टहल कर वापस आई तो केंद्र में उसके लिए सजाये गए पसंदीदा फलों के भंडार को देख कर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। उसने तुरंत तरबूज और कद्दू के टुकड़ों को बिखेर दिया और पल भर में ही उन्हें खा लिया। पिछले कुछ वर्षों में लक्ष्मी का वजन लगातार कम हुआ है और वह वाइल्डलाइफ एसओएस की देखभाल के लगभग 700 किलो तक कम करने में सफल रही है।
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