फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sikkim Accident: शहीद की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, पिता के भी नहीं थम रहे आंसू, पार्थिव शरीर का इंतजार

Sat, 24 Dec 2022 06:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
विज्ञापन
1 of 5
शहीद भूपेंद्र सिंह का फाइल फोटो और विलाप करती पत्नी सारिका सिंह - फोटो : अमर उजाला
सिक्किम में सेना के ट्रक के खाई में गिरने से हुए हादसे में शहीद हुए  एटा के लांस नायक 32 वर्षीय भूपेंद्र सिंह की पत्नी सारिका सिंह को जब से जानकारी हुई है, तब से रो-रोकर बुरा हाल है। पिता भी बेटे की मौत से गहरे सदमे में हैं और तीन साल की पोती के साथ ही खुद को भी संभाल रहे हैं। लाड़ले का पार्थिव शरीर आने का इंतजार कर रहे परिजनों के लिए एक-एक पल भारी हो रहा है।

एटा जनपद की अलीगंज तहसील के गांव ताजपुर अद्दा के मूल निवासी लांस नायक भूपेंद्र सिंह 2014 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी तीन वर्ष की एक बेटी है। भूपेंद्र सिंह के पिता सुरेन्द्र सिंह और बाबा बैजनाथ सिंह, ताऊ सुखेन्द्र सिंह भी सेना में थे। रविवार को भूपेंद्र का पार्थिव शरीर उनके एटा स्थित पैतृक गांव में पहुंच सकता है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन

2 of 5
भूपेंद्र सिंह राठौर की पत्नी सारिका सिंह - फोटो : अमर उजाला
वहीं लांसनायक भूपेंद्र सिंह राठौर की पत्नी सारिका सिंह को जब से जानकारी हुई है, तब से रो-रोकर बुरा हाल है। वे रोते-रोते ही बदहवास हो चुकी हैं। परिजन व शुभचिंतक ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन बार-बार शहीद को याद कर हालत बिगड़ जाती है।
विज्ञापन

3 of 5
शहीद के परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी को शुक्रवार की देरशाम ससुर सुरेंद्र सिंह राठौर के मोबाइल पर हादसे की सूचना मिलने की जानकारी मिली। हालांकि काफी समय तक पत्नी से भूपेंद्र के शहीद होने की बात को छिपाए रखा, लेकिन बात ऐसी थी कि छिप नहीं सकी। 

4 of 5
शहीद के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
धीरे-धीरे पूरे गांव के कोने-कोने में बात पहुंच गई और लोगों का हुजूम घर पर एकत्रित होने लगा। तब पत्नी को पूरी तरह से पता चला कि उसका जीवन साथी अब इस दुनिया में नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शहीद भूपेंद्र सिंह की बेटी - फोटो : अमर उजाला

तीन वर्षीय बेटी परी हुई गुमशुम

शहीद की एकलौती बेटी परी तीन वर्ष की है। जब कि पिता के शहीद होने की जानकारी मिली है और मां सारिका सिंह को बिखलता देखा है तब से गुमशुम हो गई है। किसी से कोई बात नहीं कर रही है और परिवारीजन उसे बहलाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि शहीद की इकलौती बेटी अपने बाबा सुरेंद्र सिंह राठौर के काफी करीब रही है तो उनके पास ही ज्यादातर समय व्यतीत कर रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें