मेहमान पक्षी स्पूनबिल ने चंबल की वादियों में दस्तक दे दी है। रात के अंधेरे में शिकार पकड़ने वाली इस चिड़िया की हल्की गुर्राहट जलीय जीव और पक्षियों को डरा देती है। प्रजनन के सीजन में इसके यहां आने से चंबल में इनकी वंश वृद्धि की भी संभावना वन विभाग के अफसरों ने जताई है।
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स्पूनबिल के झुंड
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान से सटे रेहा और इटावा से सटे उदयपुर खुर्द तक इन दिनों स्पूनबिल के झुंड दिखने लगे हैं। चम्मच जैसी चोंच की बनावट और रात के अंधेरे में शिकार पकड़ने की इनकी खासियत है।
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स्पूनबिल के झुंड
- फोटो : अमर उजाला
रेंजर आरके सिंह भदौरिया ने बताया कि सितंबर से लेकर दिसंबर तक इनका प्रजनन सीजन होता है। एक बार में 2 से 4 अंडे देती हैं। सात सप्ताह में इनके शिशु उड़ने लगते हैं।
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स्पूनबिल
- फोटो : अमर उजाला
प्रजनन काल में आता है बदलाव
रेंजर ने बताया कि प्रजनन काल में स्पूनबिल के सिर पर एक मोरछल नुमा पीली कलगी और गर्दन के आगे नीचे के भाग में पीला लंबा धब्बा उभर आता है।
बच्चे आते हैं पीछे, जाते हैं आगे
चंबल आने वाली इस विदेशी चिड़ियां के पीछे पीछे बच्चे उड़ते हुए आते हैं। पर, वतन वापसी के वक्त बच्चे आगे होते हैं और पीछे वयस्क चिड़िया। वनकर्मियों के मुताबिक संभवत: ऐसा इसलिए है, ताकि कोई बच्चा छूट न जाए।